नरेंद्र मोदी सरकार में अरुण जेटली को महत्वपूर्ण मंत्रालय
5 दरिया न्यूज
नई दिल्ली 27-May-2014
अरुण जेटली केंद्र सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद सबसे महत्वपूर्ण शख्सियत बन गए हैं। मंगलवार को विभागों के बंटवारे में उन्हें तीन महत्वपूर्ण मंत्रालय वित्त, रक्षा और कार्पोरेट मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई। राष्ट्रपति भवन ने 24 कैबिनेट मंत्री सहित 46 मंत्रियों के विभागों की सूची जारी की, जिसके अनुसार, सुषमा स्वराज नई विदेश मंत्री और राजनाथ सिंह नए केंद्रीय गृह मंत्री होंगे।अपने पूर्ववर्तियों की तरह ही प्रधानमंत्री ने कार्मिक, लोक शिकायत व पेंशन, आण्विक ऊर्जा व अंतरिक्ष विभाग अपने पास रखा है, जबकि अन्य महत्वपूर्ण विभागों का बंटवारा किसी मंत्री को नहीं किया गया है।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष राजनाथ जल्द ही इस पद की जिम्मेदारी किसी और को सौंपेंगे। उन्हें बेहद महत्वपूर्ण विभाग गृह मंत्रालय व सुषमा स्वराज को विदेश मंत्रालय व प्रवासी भारतीय मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई।भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एम.वेंकैया नायडू को शहरी विकास विभाग, आवास व शहरी गरीबी उन्मूलन सहित संसदीय कार्य मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई।भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी को सड़क परिवहन व राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्रालय, जबकि डी.वी.सदानंद गौड़ को रेल मंत्रालय सौंपा गया है।जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के.सिंह को विदेश राज्य मंत्री, प्रवासी भारतीय मामलों व पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है।दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन को स्वास्थ्य विभाग और टेलीविजन कलाकार से राजनेता बनीं स्मृति ईरानी को मानव संसाधन विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मंत्रियों की सूची इस प्रकार है :
प्रधानमंत्री : कार्मिक, लोक शिकायत व पेंशन, आण्विक ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग।
अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत विभागों तथा मंत्रालयों का बंटवारा किसी मंत्री को फिलहाल नहीं किया गया है।
कैबिनेट मंत्री :
राजनाथ सिंह : गृह मंत्रालय
सुषमा स्वराज : विदेश मंत्रालय, प्रवासी भारतीय मामलों का मंत्रालय
अरुण जेटली : वित्त, कार्पोरेट मामला, रक्षा मंत्रालय
एम.वेंकैया नायडु : शहरी विकास, आवास व शहरी गरीबी उन्मूलन, संसदीय कार्य मंत्रालय
नितिन गडकरी : सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी
डी. वी. सदानंद गौड़ा : रेलवे
उमा भारती : जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन
नजमा ए.हेप्तुल्ला : अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय
गोपीनाथ राव मुंडे : ग्रामीण विकास, पंजायती राज, पेयजल व स्वच्छता
राम विलास पासवान : उपभोक्ता मामला, खाद्य व सार्वजनिक वितरण
कलराज मिश्र : सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम
मेनका गांधी : महिला व बाल विकास विभाग
अनंत कुमार : रासायनिक व उवर्रक
रवि शंकर प्रसाद : संचार और सूचना प्रौद्योगिकी, कानून व न्याय
अशोक गजापति राजू पसुपति : नागरिक उड्डयन
अनंत गीते : भारी उद्योग व सार्वजनिक उद्यम
हरसिमरत कौर बादल : खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
नरेंद्र सिंह तोमर : खनन, इस्पात, श्रम एवं रोजगार
जुआल ओरांव : जनजातीय मामला
राधा मोहन सिंह : कृषि
थवर चंद गहलोत : सामाजिक न्याय व अधिकारिता
स्मृति ईरानी : मानव संसाधन विकास
हर्षवर्धन : स्वास्थ्य व परिवार कल्याण
राज्य मंत्री :
जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के.सिंह : पूर्वोत्तर क्षेत्रों का विकास (स्वतंत्र प्रभार), विदेश मंत्रालय, प्रवासी भारतीय मामलों का मंत्रालय
इंद्रजीत सिंह राव : नियोजन (स्वतंत्र प्रभार), सांख्यिकी व कार्यक्रम क्रियान्वयन (स्वतंत्र प्रभार ), रक्षा
संतोष कुमार गंगवार : कपड़ा (स्वतंत्र प्रभार ) संसदीय कार्य मंत्रालय, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन
श्रीपद येसो नाइक : संस्कृति (स्वतंत्र प्रभार), पयर्टन (स्वतंत्र प्रभार)
धर्मेद्र प्रधान : पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस (स्वतंत्र प्रभार)
सर्बनंद सोनोवाल : कौशल विकास, उद्यमशीलता, युवा मामले व खेल (स्वतंत्र प्रभार)
प्रकाश जावड़ेकर : सूचना व प्रसारण (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन (स्वतंत्र प्रभार), संसदीय मामला
पियूष गोयल : विद्युत (स्वतंत्र प्रभार), कोयला (स्वतंत्र प्रभार), नवीन व नवीनीकृत ऊर्जा (स्वतंत्र प्रभार)
जितेंद्र सिंह : विज्ञान व प्रौद्योगिकी (स्वतंत्र प्रभार), भू विज्ञान ( स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत व पेंशन, आण्विक ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग
निर्मला सीतारमन : वाणिज्य व उद्योग (स्वतंत्र प्रभार), वित्त, कार्पोरेट मामला
जी.एम.सिद्देश्वरा : नागरिक उड्डयन
मनोज सिन्हा : रेलवे
निहालचंद : रासायनिक व ऊवर्रक
उपेंद्र कुशवाहा : ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पेयजल एवं स्वच्छता
पी.राधाकृष्णन : भारी उद्योग व सार्वजनिक उद्यम
किरन रिज्जु : गृह मंत्रालय
कृष्ण पाल : सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी
संजीव कुमार बलयान : कृषि, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
मनसुखभाई धंजीभाई वासवा : जनजातीय मामला
रावसाहेब दादराव दान्वे : उपभोक्ता मामला, खाद्य व सार्वजनिक वितरण
विष्णु देव साईं : खनन, इस्पात, श्रम व रोजगार
सुदर्शन भगत : सामाजिक न्याय व अधिकारिता