सेना में कार्यरत जवानों को कोई जीते कोई हारे, इससे कुछ लेना देना नहीं
5 दरिया न्यूज (विजयेन्दर शर्मा)
धर्मशाला 19-Dec-2012
सेना में कार्यरत जवानों को कोई जीते कोई हारे, इससे कुछ लेना देना नहीं है। कांगड़ा जिला से लगभग 28041 सेना के जवानों को बैलेट पेपर भेजे गए थे, लेकिन अभी तक मात्र 1108 के करीब ही जवानों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। अन्य सभी ने नेताओं से किनारा करते हुए मतदान में अपनी भागेदारी नहीं निभाई है। इस बात को जो भी सुन रहा है, वह हैरान हो कर पूछ रहा है कि क्या यह बात सच्ची है। कुछ विधानसभा हलकों का तो ऐसा हाल है, जहां एक भी जवान ने वोट नहीं डाला है। विधानसभा चुनावों में मतदान के लिए सेना के जवानों ने अधिक रुचि नहीं दिखाई है। सेना के जवानों की बेरुखी से प्रशासन सहित आम जनमानस भी हैरत में है कि हजारों जवानों में से मात्र सैकड़ों ने ही मतदान किया। उनमें भी कुछ विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां एक भी जवान ने नेताओं की हार-जीत को तवज्जो नहीं दी है। फौजियों को भेजे बैलेट पेपरों और वापस पहुंचे पोस्टल बैलेट पेपरों पर नजर दौड़ाएं तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में 2082 पोस्टल बैलेट पेपर आर्मी के जवानों को भेजे गए थे। इनमें से मात्र 90 जवानों ने ही मतदान किया है। आरक्षित इंदौरा क्षेत्र में 1525 में से 108 जवानों ने वोट डाले हैं। फतेहपुर में 1840 में से 168 ने मताधिकार का प्रयोग किया है। जवाली विस क्षेत्र में 1687 जवानों में से 205 ने वोट डाले हैं। देहरा में 2089 में से मात्र 15 ने ही वोट डाले हैं। जसवां-परागपुर में 1508 में से मात्र आठ जवानों ने मताधिकार का प्रयोग किया है। ज्वालामुखी हलके के 1696 में से 13 जवानों ने वोट डाले हैं। आरक्षित विस क्षेत्र जयसिंहपुर में 2487 में मात्र 28 वोट पड़े हैं। सुलाह के 2906 जवानों में से किसी भी ने मतदान नहीं किया है। नगरोटा बगवां के 1736 जवानों का भी यही हाल है। यहां भी किसी ने वोट नहीं डाला है। कांगड़ा हलके के 1009 जवानों में से किसी ने भी वोट नहीं डाला है। शाहपुर के 2217 जवानों में से 294 ने मतदान किया है। धर्मशाला के 1609 में से 149 जवानों ने वोट डाले हैं। पालमपुर के 1731 में से किसी ने भी वोट नहीं डाला है। आरक्षित क्षेत्र बैजनाथ के 1909 जवानों में से मात्र 30 ने वोट डाले हैं। हालांकि अभी कुछ बैलेट पेपर वापस आने की प्रक्रिया चल रही है। उधर, उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी केआर भारती का कहना है कि जवानों की मतदान प्रतिशतता कम आंकी जा रही है, लेकिन अभी डाकघरों से बैलेट पेपर पहुंचने की प्रक्रिया चल रही है।