फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में पंजाब भाजपा ने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की
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चंडीगढ़ 27-Jul-2026
भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश महामंत्री अनिल सरीन ने आज आम आदमी पार्टी सरकार पर पंजाब के लोगों को पारदर्शिता और ईमानदारी के झूठे दावे करके गुमराह करने तथा सरकारी भर्ती परीक्षाओं की पवित्रता और निष्पक्षता की रक्षा करने में बार-बार विफल रहने का आरोप लगाया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सरीन ने कहा कि 19 जुलाई को आयोजित पंजाब फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा, जिसमें 454 पदों के लिए लगभग 7,000 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, में कथित पेपर लीक कोई अकेली घटना नहीं बल्कि सरकार की व्यवस्था की गंभीर विफलता का हिस्सा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र के भीतर ही प्रश्नपत्र को स्कैन कर बाहर भेजा गया, वहां उसे हल किया गया और ब्लूटूथ उपकरणों के माध्यम से उत्तर अभ्यर्थियों तक पहुंचाए गए, जिससे परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। सरीन ने कहा कि स्वयं रजिस्ट्रार ने स्वीकार किया है कि अधिकारियों को पहले से ऐसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के इस्तेमाल की खुफिया सूचना थी।
इसके बावजूद सरकार पर्याप्त जैमर लगाने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने में विफल रही, जिससे सरकार की मंशा और क्षमता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में यह छठा परीक्षा एवं भर्ती विवाद है।
उन्होंने नायब तहसीलदार परीक्षा, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की बारहवीं अंग्रेजी प्रश्नपत्र लीक, पीएसटीईटी विवाद, पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड भर्ती अनियमितताओं तथा अन्य भर्ती घोटालों का भी उल्लेख किया। आम आदमी पार्टी के "जीरो टॉलरेंस" के दावों पर सवाल उठाते हुए सरीन ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित पार्टी के नेताओं ने अन्य राज्यों में परीक्षा अनियमितताओं पर इस्तीफों की मांग की थी।
अब वही मापदंड पंजाब में भी लागू होना चाहिए। भाजपा ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए उन्हें लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों के लिए नैतिक रूप से जिम्मेदार ठहराया।
सरीन ने कहा कि पंजाब के युवाओं को पेपर लीक और नकल के आरोपों से दागदार व्यवस्था नहीं, बल्कि निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती प्रणाली मिलनी चाहिए।