5 Dariya News

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मिलकर बरनाला पुलिस कार्रवाई पर सख्त कदम उठाने की मांग की

गेजा राम वाल्मीकि ने DSP- SHO के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज करने की मांग की

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चंडीगढ़ 27-Jul-2026

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय वाल्मीकि सभा इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पंजाब सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व चेयरमैन तथा वर्ष 2024 के फतेहगढ़ साहिब लोकसभा चुनाव के भाजपा प्रत्याशी गेजा राम वाल्मीकि के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज पंजाब के माननीय राज्यपाल से मुलाकात कर बरनाला में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों एवं सीवरमैन पर हुए कथित पुलिस अत्याचार के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल में विनीत जोशी, प्रदेश मीडिया प्रमुख, भाजपा पंजाब; पी.एस. गम्मी कलियां, प्रदेश सचिव, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, पंजाब; अमरजीत सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, पटियाला; कुलविंदर सिंह "हनी", जिला अध्यक्ष, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, खन्ना; रमन मट्टो, जिला अध्यक्ष, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, रूपनगर; तथा तरुण वालिया शामिल थे।

ज्ञापन में गेजा राम वाल्मीकि ने कहा कि अपने वैध एवं न्यायोचित अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर डीएसपी सतवीर सिंह बैंस और एसएचओ लखविंदर सिंह द्वारा कथित रूप से बर्बरतापूर्ण और बिना किसी उकसावे के हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना सरकारी शक्ति के दुरुपयोग का गंभीर उदाहरण है।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मांग की कि डीएसपी सतवीर सिंह बैंस और एसएचओ लखविंदर सिंह को केवल निलंबित नहीं, बल्कि तत्काल सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जाए, क्योंकि मात्र निलंबन से पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा। साथ ही दोनों अधिकारियों के विरुद्ध पीड़ित सफाई कर्मचारियों की मेडिको-लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की गई।

ज्ञापन में राज्यपाल से यह भी अनुरोध किया गया कि सफाई कर्मचारियों एवं सीवरमैन की लंबे समय से लंबित और न्यायोचित मांगों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर पीड़ित कर्मचारियों को न्याय दिलाया जाएगा तथा उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।