5 Dariya News

सरकार छात्रों की भावनाओं से भली-भांति परिचित है, छात्र अपने आंदोलन के राजनीतिक अपहरण से सावधान रहें : सुनील जाखड़

छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण थी; इस पूरे मामले को अधिक संवेदनशीलता के साथ संभाला जाना चाहिए था

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चंडीगढ़ 23-Jul-2026

भारतीय जनता पार्टी के सीनियर लीडर व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने नीट पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं से अपील की कि वे सतर्क रहें और अपने आंदोलन को राजनीतिक स्वार्थों का शिकार न बनने दें। उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पहले से ही छात्रों की चिंताओं से भली-भांति परिचित हैं और सरकार उनकी मांगों के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जाखड़ ने कहा, “हमारे बच्चे हमारा गौरव हैं और देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं।” उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान पुलिस कार्रवाई के बजाय बातचीत के माध्यम से किया जाना चाहिए था। उन्होंने स्वीकार किया कि बड़े जन आंदोलनों के दौरान असामाजिक और शरारती तत्व अक्सर स्थिति का फायदा उठाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस को अधिक संयम बरतना चाहिए था और पूरे मामले को अधिक संवेदनशीलता के साथ संभाला जाना चाहिए था।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में मनरेगा कर्मचारियों और सफाई कर्मचारियों के आंदोलनों के दौरान भी पुलिस बल के प्रयोग की उन्होंने सख्त निंदा की ।छात्र आंदोलन के राजनीतिकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए श्री जाखड़ ने कहा कि भाजपा छात्रों की भावनाओं, उनके दर्द और उनकी पीड़ा को पूरी तरह समझती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पहले ही नीट पेपर लीक मामले की फास्ट-ट्रैक अदालत में सुनवाई की घोषणा कर चुके हैं और सरकार छात्रों के साथ संवाद करने के साथ-साथ संसद में भी इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है।

जाखड़ ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा में सुधार के लिए लगातार प्रतिबद्ध रही है। उनके अनुसार—

* वर्ष 2014 से अब तक मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 823 हो गई है।

* आईआईटी की संख्या 7 से बढ़कर 23 हो गई है।

* मेडिकल सीटों की संख्या 51,000 से बढ़कर 1,36,939 हो गई है।

* युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए मुद्रा योजना के तहत ₹40 लाख करोड़ उपलब्ध कराए गए हैं।

* छात्रों को शिक्षा ऋण के रूप में ₹65,000 करोड़ प्रदान किए गए हैं।

* उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के समय शिक्षा बजट ₹8,500 करोड़ था, जबकि वर्तमान सरकार में यह बढ़कर ₹1.40 लाख करोड़ हो गया है।

जाखड़ ने कहा कि ये आंकड़े शिक्षा और छात्रों के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि व्यवस्था में जहां कहीं भी कमियां हैं, उन्हें दूर करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। हालांकि उन्होंने छात्रों को आगाह किया कि वे सतर्क रहें क्योंकि राजनीतिक दल उनके आंदोलन का अपने हितों के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि शरारती तत्व उनके उत्साह को गलत दिशा में मोड़ सकते हैं।

प्रदर्शनों में अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए जाखड़ ने कहा कि लोगों को याद रखना चाहिए कि अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का क्या हुआ था। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उस आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाकर सत्ता तक पहुंच गए, जबकि अन्ना हजारे स्वयं पीछे छूट गए। उन्होंने यह भी कहा कि सोनम वांगचुक और दीपके भी कहीं उसी तरह केवल मोहरे बनकर न रह जाएं।जाखड़ ने सवाल उठाया कि जब सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, तो विपक्ष संसद की कार्यवाही क्यों नहीं चलने दे रहा। 

उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है, तो उसे अपने तर्क, तथ्य, सुझाव और विचार संसद के पटल पर रखने चाहिए।अंत में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने दोहराया कि मोदी सरकार छात्रों की भावनाओं से पूरी तरह परिचित है और उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप व्यवस्था में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे सरकार के साथ संवाद का रास्ता अपनाएं ताकि उनका आंदोलन गलत दिशा में न जाए और न ही राजनीतिक स्वार्थों के लिए उसका दुरुपयोग हो।