5 Dariya News

लोकतंत्र प्रतिनिधित्व से चलता है, उसके लिए नुमायंदे बनाए जाते हैं, नुमायंदों को अपनी बात संसद में रखनी चाहिए’’: अनिल विज

प्रजातंत्र में जलसे, जूलुस, धरने व प्रदर्शन व अपनी आवाज उठाने का अधिकार सभी को है, जबरन लोकसभा में आना किसी लोकतंत्र में अनुमति नहीं : अनिल विज

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चण्डीगढ 21-Jul-2026

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि ‘‘लोकतंत्र प्रतिनिधित्व से चलता है, उसके लिए नुमायंदे बनाए जाते हैं, इसलिए ऐसे लोगों को अपने नुमायंदों के ऊपर दबाव बनाना चाहिए, क्यों न वे इनकी बात को आगे आकर रखें’’। श्री विज यह भी कहा कि ‘‘प्रजातंत्र में जलसे, जूलुस, धरने व प्रदर्शन व अपनी आवाज उठाना का अधिकार है, परंतु अगर कोई ग्रुप यह कहें, कि हम 500 आदमी लोकसभा के अंदर जाकर अपनी बात कहेंगें और लोकसभा में घुसने की कोशिश करेंगें, जबकि ऐसा दुनियाभर के किसी भी प्रजातंत्र में इजाजत नहीं दी जाती है’।

इसके अलावा, श्री विज ने कांग्रेस पार्टी पर ब्यान प्रहार करते हुए कहा कि ‘‘कांग्रेस एक बाधा पार्टी है और इनका काम किसी भी तरह से बाधा पैदा करना है, इससे लोगों का नुकसान होता है’’। श्री विज आज यहां चण्डीगढ में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।

हर सत्र से पहले विपक्ष नई डाक्यूमेंट्री रिलिज कर देता हैं- विज

ऊर्जा मंत्री ने विपक्ष का जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष का कहना है कि महात्मा गांधी जी ने भी बहुत धरने दिए थे। लेकिन महात्मा गांधी जी ने कभी किसी को पत्थर नहीं मारा था। लेकिन वहीं, इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस वालों को भी बहुत चोंटें लगी हैं, जबकि महात्मा गांधी जी के किसी भी प्रदर्शन के दौरान किसी ने कोई पत्थर मारें मारें हो, तो बता दों।

श्री विज ने कहा कि अगर हम पिछले 15 से 20 सत्रों की जानकारी जुटाएंगें तो पता चलेगा कि हर सत्र से पहले विपक्ष नई डाक्यूमेंट्री रिलिज कर देता हैं। ये वहीं लोग होते हैं जो तरह-तरह के पात्र बनकर आ जाते हैं। जबकि इनका मकसद सरकार के काम में बाधा डालना होता है। इससे लोगों को नुकसान होता है।

उन्होंने पेपर लीक के संबंध में कहा कि गत दिवस जयप्रकाश नडडा जी ने उनकी बात सुन ली है उनका पत्र भी ले लिया, इसलिए बात खत्म हो जानी चाहिए। इसलिए अब सरकार विचार करेगी, इसलिए बात खत्म हो जानी चाहिए लेकिन अब नए कलाकार आ गए हैं। ये नई बात कर रहे है, तो ऐसे प्रजातंत्र नहीं चलता।

विज का विपक्ष पर तंज--सरकार को समझाने से पहले खुद भी बात समझनी पडती है

विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ब्यान कि संसद में बात नहीं रखने दी जाएगी तो हम सडक पर अपनी बात रखेंगें, के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि संसद में कौन रोक रहा है जबकि वह कह रहे हैं कि आकर बात करो। इससे पहले भी कहा कि हम बात सुनने के लिए तैयार हैं। जबकि ये धरना देकर बाहर बैठे हुए हैं। संसद के अंदर जाकर अपनी बात रखों और कहो अपनी बात, सरकार को समझाओ अपनी बात, लेकिन सरकार को समझाने से पहले खुद भी बात समझनी पडती है।

विज ने कांग्रेस की पूर्व सरकारों खडे किए प्रश्न- कांग्रेस के राज में भी होते थे पीपर लीक

उन्होंने कांग्रेस की पूर्व सरकारों पर प्रश्न खडा करते हुए कहा कि कौन से कांग्रेस के राज में पेपर लीक नहीं हुए। मध्य प्रदेश में हुए, रेलवे का पेपर लीक हुआ, क्या इनके किसी मंत्री ने इस्तीफा दिया था, जिनका दोष है सजा उनको मिलनी चाहिए, इसलिए जिनका दोष है उन सबको पकड लिया गया है, उनके ऊपर केस चलते हैं तथा सख्त से सख्त कार्यवाही की जा रही है।

कानून के अनुसार जिसके खिलाफ दोष होगा उसके खिलाफ ही कार्यवाही की जाएगी, इसलिए जिन-जिन का कसूर पाया गया, उनके खिलाफ पूरी कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि रोष तब होना चाहिए जब सरकार कार्यवाही नहीं कर रही हो, जबकि सरकार कार्यवाही कर रही है।

नीट का पेपर दोबारा आयोजित हो गया, बच्चों ने पेपर पास कर लिया, जबकि विपक्ष का इससे कोई लेना-देना नहीं- विज

उन्होंने कहा कि नीट का पेपर दोबारा भी हो गया, बच्चे पास भी हो गए, और इस परीक्षा में हरियाणा व पंजाब के बच्चों ने अच्छे नंबर भी लिए हैं तथा कार्यवाही भी हो रही है, जबकि विपक्ष का इससे कोई लेना-देना नहीं है। पेपर लीक होने के बाद 20 दिन तक राहुल गांधी जी विदेश में जाकर घुम आए। अगर उनको चिंता होती तो वे विदेश जाते ही नहीं।

तभी से आवाज उठाते, धरने देते, जुलूस निकालते, और इनको किसने रोका है। लेकिन वे तो घूमने चले गए। श्री विज ने कहा कि जब सत्र शुरू होने लगता है तो ये वापिस आकर गेट पर बैठ जाते है, अंदर भी जाकर नहीं बैठते, इसलिए अंदर जाकर लोगों की बात रखिये। विपक्ष किस लिए बनाया जाता है, विपक्ष इसलिए बनाया जाता है कि वे जनता की बात अंदर जाकर रखें। जो बात सरकार के सामने रखी जानी चाहिए, इसलिए बात सरकार के सामने रखें। जबकि सत्र कल ही शुरू हुआ है और धरना आज ही करके बैठ गए। अंदर गए नहीं, बात की नहीं, और बाहर धरना दे रहे है।