यूपी कैबिनेट से कई प्रस्तावों पर मुहर, नए एक्सप्रेसवे, स्कूटी योजना और मानसून सत्र को मिली मंजूरी
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लखनऊ 21-Jul-2026
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने प्रदेश में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए दो नए एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को स्वीकृति देने के साथ ही उच्च शिक्षा, महिला कल्याण, परिवहन, गृह, सहकारिता, स्टांप एवं पंजीयन और राज्य कर विभाग से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई।
इसके अलावा विधानमंडल के मानसून सत्र की तिथियां भी तय कर दी गईं। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रयागराज से सोनभद्र तक करीब 333 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 26 हजार करोड़ रुपये होगी।
इसके साथ ही 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी स्वीकृति दी गई है, जो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़कर पूर्वी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। इस परियोजना पर करीब 9,039 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें निर्माण कार्य के साथ भूमि अधिग्रहण भी शामिल है। यह एक्सप्रेसवे गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली जिलों से होकर गुजरेगा।
कैबिनेट ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के लिए विकासकर्ता के चयन को भी ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मोड पर मंजूरी प्रदान की। इसके अलावा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 1.18 किलोमीटर लंबे डायवर्जन निर्माण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।
इनमें रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना, विश्वविद्यालयों में शोध पीठ की स्थापना तथा महिला छात्रावास निर्माण शामिल हैं। सरकार ने वर्ष 2025-26 से रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी महाविद्यालयों की शीर्ष पांच प्रतिशत छात्राओं को पेट्रोल चालित स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी।
दिव्यांग, शहीदों के आश्रित और निराश्रित परिवारों की छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इससे लगभग 50 हजार छात्राओं को लाभ मिलने का अनुमान है। कैबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शोध पीठ स्थापित करने का भी निर्णय लिया।
इसके तहत पात्र विश्वविद्यालयों को दो करोड़ रुपये तथा महाविद्यालयों को एक करोड़ रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस राशि को सावधि जमा (एफडी) के रूप में रखा जाएगा और ब्याज से शोध गतिविधियों का संचालन होगा। 50 वर्ष से अधिक पुराने तथा पांच हजार से अधिक छात्र क्षमता वाले संस्थान इस योजना के लिए पात्र होंगे।
बैठक में वाराणसी स्थित बसंत महिला विश्वविद्यालय में 112 छात्राओं की क्षमता वाले नए छात्रावास के निर्माण को भी मंजूरी दी गई। इस पर करीब 2.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा वाराणसी में 500 छात्राओं की क्षमता वाला मुख्यमंत्री श्रमजीवी छात्रावास बनाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। परिवहन क्षेत्र में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के लिए 220 नई बसें खरीदने का निर्णय लिया गया।
इनमें इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही आउटसोर्सिंग निगम के पोर्टल संचालन और कर्मचारियों के वेतन मद में 20 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी गई। अग्निशमन सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए 44 वाटर टैंकर और पांच फोम टैंकर खरीदने का फैसला भी कैबिनेट ने लिया। सरकार का कहना है कि इन वाहनों से संकरी गलियों और दुर्गम क्षेत्रों में भी आग बुझाने की क्षमता बढ़ेगी।
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 से 6 अगस्त तक बुलाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इस दौरान सरकार अपने विधायी कार्यों के साथ अनुपूरक बजट भी पेश करेगी। इन फैसलों को मिली मंजूरी वाराणसी के बसंत महिला महाविद्यालय में 112 छात्राओं की क्षमता वाले छात्रावास के निर्माण के लिए 2.48 करोड़ रुपये मंजूर।
वाराणसी में कामकाजी महिलाओं के लिए 500 बेड वाले छात्रावास के निर्माण को स्वीकृति। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के लिए 400 करोड़ रुपये की लागत से 220 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी। महिला कल्याण विभाग के लिपिकीय कर्मचारियों की सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी।
उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम को पोर्टल संचालन और अन्य व्यवस्थाओं के लिए 20 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण देने का फैसला। राज्यपाल सचिवालय और घरेलू सेवा से संबंधित नई सेवा नियमावली को स्वीकृति। कानपुर नगर में उप-निबंधक कार्यालय के नए भवन के लिए भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी।