5 Dariya News

रक्षा निखिल खडसे ने युवा अधिकारियों से राष्ट्र निर्माण का उत्‍प्रेरक बनने का आह्वान किया

'विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत' के रोडमैप के साथ लखनऊ में चौथे एवं अंतिम चिंतन शिविर का समापन

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लखनऊ 19-Jul-2026

युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के युवा कार्य विभाग का चौथा क्षेत्रीय चिंतन शिविर आज लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में संपन्न हुआ। इसके साथ ही "विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत" विषय पर आयोजित राष्‍ट्रव्यापी क्षेत्रीय परामर्श श्रृंखला का समापन हो गया। "समाधान से संकल्प" विषय के इर्द-गिर्द घूमता शिविर का दूसरे दिन पहले दिन के विचार-विमर्श से प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं को ठोस कार्यनीतियों में परिवर्तित करने पर केन्द्रित रहा, ताकि युवा-केन्‍द्रित शासन को मजबूत किया जा सके तथा जमीनी स्तर पर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

सत्र को संबोधित करते हुए केन्‍द्रीय युवा कार्य एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित कर, युवा अधिकारियों की राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा, "आप जमीनी स्तर पर कार्य करते हैं, इसलिए चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझते हैं, सही प्रश्न उठाते हैं और उनके व्यावहारिक समाधान खोजते हैं।

आपकी यही प्रतिबद्धता प्रत्येक प्रस्तुति में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।" मैदानी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों के समर्पण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि माय भारत, अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम (ईएलपी), प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) तथा फिट इंडिया पर दी गई प्रस्तुतियाँ क्षेत्र में काम करने वाले अधिकारियों की जमीनी प्रतिबद्धता और स्थानीय चुनौतियों की व्यावहारिक समझ को दर्शाती है।

उन्होंने कहा, "यह केवल एक कर्तव्य नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। युवाओं को अपने करियर के निर्माण के साथ-साथ देश को आगे ले जाने के बारे में भी सोचना होगा। भारत का भविष्य वही लिखेंगे, और प्रत्येक के पास युवाओं का हीरो बनने का अवसर है।" चिंतन शिविर के दौरान पेश प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि वे जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों की प्रतिबद्धता, परिश्रम और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा कि माय भारत, अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम (ईएलपी), प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) तथा फिट इंडिया जैसी पहलों ने यह सिद्ध किया है कि किस प्रकार मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से नीतियों के बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। युवा कार्य विभाग के संयुक्त सचिव श्री शिव रतन ने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों द्वारा माय भारत के साथ साझेदारी में बढ़ती रुचि इस बात का प्रमाण है कि यह मंच युवा सहभागिता और राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है।

उन्होंने अधिकारियों से राज्य सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय हितधारकों के साथ सहयोग को और अधिक मजबूती देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मजबूत साझेदारियाँ विभाग की पहुँच और प्रभावशीलता को और बढ़ाएँगी। उन्होंने कहा, "प्रत्येक राज्य की अपनी चुनौतियाँ हैं और हर चुनौती के लिए राज्य-विशिष्ट समाधान आवश्यक है।

हमारा ध्यान स्थानीय समस्याओं के स्थानीय समाधान विकसित करते हुए जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर होना चाहिए, साथ ही विकसित भारत की राष्ट्रीय कल्‍पना के अनुरूप आगे बढ़ना चाहिए।" अधिकारियों को संबोधित करते हुए माय भारत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. प्रियंका शुक्ला ने चिंतन शिविर के दौरान अधिकारियों के पूरे समय सक्रिय होकर भाग लेने की सराहना की और उन्हें युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए नवोन्मेषी दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि माय भारत की सफलता युवाओं को स्वयंसेवा, नेतृत्व और सामुदायिक सहभागिता के सार्थक अवसर प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाने में निहित है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विभिन्न राज्यों की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का प्रभावी दस्तावेजीकरण किया जाए और उन्हें व्यापक स्तर पर लागू किया जाए, ताकि उनके सफल अनुभवों का अधिकाधिक लाभ मिल सके।

चिंतन शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) और फिट इंडिया विषय पर तकनीकी सत्रों से हुई, जिनमें विभिन्न विभागों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों पर बल दिया गया। समापन दिवस का प्रमुख आकर्षण विभाग की प्राथमिकताओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर कार्य समूहों द्वारा तैयार विषयगत कार्य योजनाओं और केस स्टडीज़ की प्रस्तुतियाँ रहीं।

इन समूहों ने नशा मुक्त भारत, फिट इंडिया, लैंगिक संवेदनशीलता, युवा नेतृत्व एवं स्वयंसेवा, अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम, सामुदायिक सहभागिता, तथा माय भारत और माय भारत-एनएसएस  के संस्थागत सुदृढ़ीकरण से संबंधित सिफारिशें प्रस्तुत कीं। दो दिवसीय चिंतन शिविर का प्रमुख निष्कर्ष यह रहा कि जमीनी स्तर पर व्यापक पहुँच, संस्थागत मेल-मिलाप तथा सहयोगात्मक सुशासन को और मजबूत बनाकर विभाग माय भारत को युवाओं के नेतृत्व वाले राष्ट्र निर्माण के एक सशक्त मंच के रूप में और अधिक मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।

विचार-विमर्श के दौरान समुदाय के साथ गहन जुड़ाव, व्यवहार परिवर्तन सूचना, शैक्षणिक संस्थानों एवं स्थानीय हितधारकों के साथ मजबूत साझेदारी, प्रौद्योगिकी-सक्षम कार्यक्रम क्रियान्वयन तथा मैदानी स्तर के अधिकारियों के निरंतर क्षमता विकास की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने इस बात पर भी बल दिया कि प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य-विशिष्ट कार्यान्वयन रणनीतियाँ, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का नियमित आदान-प्रदान तथा मंत्रालय और क्षेत्र अधिकारियों के बीच निरंतर संवाद सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

समापन सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश को माय भारत में सबसे अधिक पंजीकरण कराने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया। वहीं केन्‍द्र शासित दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव को अपनी युवा आबादी के अनुपात में सर्वाधिक पंजीकरण प्रतिशत प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया जो जमीनी स्तर पर आदर्श लामबंदी और सफल पहुँच को दर्शाती है।

चिंतन शिविर से प्राप्त सिफारिशें भविष्य में कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन का मार्गदर्शन करेंगी तथा युवा कार्य विभाग की विकसित भारत @2047 के आधार के रुप में विकसित युवा के लक्ष्य की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेंगी।