5 Dariya News

मोदी श्री राम मंदिर दान चोरी मामले में जवाबदेही से नहीं बच सकते: कांग्रेस

भाजपा और आरएसएस भगवान श्रीराम के नाम का इस्तेमाल सिर्फ वोटों के लिए करते हैं: सुप्रिया श्रीनेत

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चंडीगढ़ 10-Jul-2026

अयोध्या के श्री राम मंदिर में दान की बड़ी चोरी के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर हमला जारी रखते हुए, कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले में अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकते, क्योंकि उन्होंने हर बात का श्रेय स्वयं लिया था। आज यहां कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता तथा एआईसीसी के सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म विभाग की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि जब आपने हर बात का श्रेय लेने के लिए शंकराचार्यों तक को किनारे कर दिया था, तो अब आप इस मामले पर चुप नहीं रह सकते।

इस अवसर पर उनके साथ पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग तथा पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यह केवल चोरी या डकैती नहीं है, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था और विश्वास पर निर्मम हमला है, जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई मंदिर को दान की थी। 

उन्होंने दावा किया कि मात्र 40 दिनों में 70 चोरियां हुईं, जो इतिहास में पहले कभी नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस के लोग तो गजनवी से भी आगे निकल गए हैं। भाजपा और आरएसएस ने महापाप किया है और वे हिंदू धर्म पर एक कलंक हैं। 

उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग भगवान श्रीराम के नाम का इस्तेमाल केवल वोट हासिल करने और लोगों को बांटने के लिए करते हैं। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता ने विशेष जांच दल के प्रमुख विजय विश्वास पंत की नियुक्ति पर भी सवाल उठाते हुए, कहा कि वह स्वयं धोखाधड़ी के एक मामले में एफआईआर का सामना कर रहे हैं। 

उन्होंने पूछा कि क्या इससे बेहतर कोई व्यक्ति नहीं मिल सकता था? उन्होंने यह भी कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट भी सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बांसल और उनके सहयोगी अनिल मिश्रा को केवल इस्तीफा देकर ही क्यों छोड़ दिया गया? क्या केवल इस्तीफा देना ही पर्याप्त जवाब है?

चंपत राय की भूमिका पर सवाल उठाते हुए, उन्होंने पूछा कि जब उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल पहले से ही राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात थे, तो फिर एक पूर्व भाजपा सांसद के स्वामित्व वाली निजी सुरक्षा एजेंसी को हर महीने एक करोड़ रुपये का भुगतान कर नियुक्त करने की क्या आवश्यकता थी? उन्होंने चंपत राय की जगह बजरंग लाल बागड़ा की नियुक्ति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें पहले नालको के अध्यक्ष पद के लिए सीवीसी से मंजूरी नहीं मिली थी।

उन्होंने पूछा कि क्या 145 करोड़ भारतीयों में इससे बेहतर कोई व्यक्ति नहीं मिल सकता था? कांग्रेस की वरिष्ठ नेता ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गोविंद गिरी ने स्वयं कहा था कि वह अयोध्या में नहीं रहते और हर महीने केवल पांच दिनों के लिए किसी व्यक्ति को खातों की देखरेख के लिए भेजेंगे। 

उन्होंने पूछा कि क्या यही इन लोगों की जिम्मेदारी की भावना है? उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हें करोड़ों हिंदुओं की आस्था का कोई सम्मान नहीं है। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि इस ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था और इसके सदस्यों का चयन भी उन्होंने ही किया था। 

उनका एकमात्र योग्यता मानदंड यही था कि वे आरएसएस से जुड़े हुए थे। उन्होंने सरकार से कई सवालों के जवाब भी मांगे। उन्होंने पूछा कि श्री राम मंदिर ट्रस्ट को सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के दायरे से बाहर क्यों रखा गया?

मंदिर के लिए पत्थर मुफ्त उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को क्यों ठुकरा दिया गया? उन्होंने कहा कि एल एंड टी ने मात्र एक रुपये की सांकेतिक राशि पर मंदिर निर्माण का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उसे भी अस्वीकार कर दिया गया, क्योंकि ऐसा होने पर वित्तीय अनियमितताओं की कोई गुंजाइश नहीं रहती। 

सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि गड़बड़ियों और गबन का सिलसिला पहले दिन से ही शुरू हो गया था, जब चंपत राय ने 2 करोड़ रुपये की जमीन 18 करोड़ रुपये में खरीदी थी।