पाकिस्तान में ऐतिहासिक गुरुद्वारा ध्वस्त, तरुण चुग ने की कड़ी निंदा
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चंडीगढ़ 02-Jul-2026
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने पाकिस्तान के फारूकाबाद (मंडी चुहरकाना) में 125 वर्ष पुराने ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब को बुलडोजर से ध्वस्त किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह केवल एक इमारत का गिरना नहीं, बल्कि समूचे हिंदू-सिख समाज की आस्था, इतिहास और विरासत पर सुनियोजित हमला है।
चुग ने कहा कि यह गुरुद्वारा साहिब सिंह सभा आंदोलन की जीवित धरोहर था और प्रथम पातशाही श्री गुरु नानक देव जी से जुड़े पवित्र गुरुद्वारा सच्चा सौदा साहिब के निकट स्थित था। जिस धरती को गुरु साहिब की चरण-छोह प्राप्त है, उसी धरती पर बुलडोजर चलाकर पाकिस्तान ने अपना हिंदू-सिख विरोधी जहरीला चेहरा पूरी दुनिया के सामने उजागर कर दिया है।
चुग ने कहा कि इस ध्वस्तीकरण में पाकिस्तान सरकार और प्रशासन की खुली मिलीभगत है। स्थानीय व्यवसायी ने बिना अनिवार्य NOC लिए रातों-रात गुरुद्वारा साहिब को गिरा दिया और हिंदू-सिख समुदाय के विरोध प्रदर्शन के बाद ही सरकार की नींद खुली। जिस भवन को पाकिस्तान सरकार ने स्वयं "ऐतिहासिक स्मारक" घोषित कर उसके ध्वस्तीकरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था, उसी भवन को दिनदहाड़े भू-माफिया ने मिट्टी में मिला दिया।
चुग ने कहा कि यह प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि हिंदू-सिख विरोधी पाकिस्तानी हुकूमत का प्रशासनिक संरक्षण है — भू-माफिया वहां सरकार की गोद में बैठकर धार्मिक विरासत को निगल रहा है। चुग ने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि पाकिस्तान का घिनौना पैटर्न है। इसी जून महीने में खैबर पख्तूनख्वा के मरदान में गुरुद्वारा साहिब की सेवा करने वाले सेवादार दंपती — जगन्नाथ और आशा वंती — की निर्मम हत्या कर दी गई।
गुरुद्वारा कोहरियाँ (लाहौर), गुरुद्वारा श्री सिंह सभा (क्वेटा), टेरी का श्री परमहंस दयाल मंदिर, ल्यारी का 200 वर्ष पुराना हनुमान मंदिर — सूची अंतहीन है। चुग ने कहा कि ये "isolated incidents" नहीं, बल्कि हिंदू-सिख समेत धार्मिक अल्पसंख्यकों के व्यवस्थित सफाये (systematic cleansing) की श्रृंखला है, जिसे कट्टरपंथी पाकिस्तानी हुकूमत का पूरा आशीर्वाद प्राप्त है।
चुग ने कहा कि आंकड़े झूठ नहीं बोलते। 1947 में पाकिस्तान में अल्पसंख्यक आबादी लगभग 20-23% थी, जो आज घटकर मात्र 3.5% रह गई है। कहाँ गए वे करोड़ों हिंदू, सिख और ईसाई? जबरन धर्मांतरण, हत्याएं और पलायन — यही पाकिस्तान का 'अल्पसंख्यक मॉडल' है।
चुग ने कहा कि 1950 के नेहरू-लियाकत समझौते में पाकिस्तान ने अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता, पूजा स्थलों की सुरक्षा और जीवन-संपत्ति की रक्षा की गारंटी दी थी, लेकिन 76 वर्षों में पाकिस्तान ने इस समझौते की हर पंक्ति को रौंदा है। भारत ने अपने संविधान से अल्पसंख्यकों को अधिकार दिए, जबकि पाकिस्तान ने उन्हें बुलडोजर, भीड़ और भू-माफिया दिए।
चुग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार हिंदू-सिख आस्था के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। विदेश मंत्रालय ने इस ध्वस्तीकरण को "Highly Deplorable" और "Targeted Act of Vandalism" करार देते हुए पाकिस्तान से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, गुरुद्वारा साहिब के शीघ्र पुनर्निर्माण और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की दो टूक मांग की है।
भारत ने ETPB (इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड) की निष्क्रियता पर भी सीधा सवाल उठाया है, जिसे विभाजन के बाद हिंदू-सिख संपत्तियों की देखरेख के लिए ही बनाया गया था, लेकिन जो आज भू-माफिया का दलाल बनकर रह गया है। चुग ने उन नेताओं पर तीखा प्रहार किया जिन्होंने कल ही पाकिस्तान को क्लीन चिट देते हुए मोहब्बत भरा खत लिखा।
उन्होंने कहा कि जिस पाकिस्तान की पीठ थपथपाने के लिए ये नेता कलम उठाते हैं, उसी पाकिस्तान में गुरुद्वारा साहिब का मलबा आज इनसे सवाल पूछ रहा है — क्या आपकी मोहब्बत सिर्फ पाकिस्तान के हुक्मरानों के लिए है, वहां सिसकते हिंदू-सिख भाई-बहनों के लिए नहीं? चुग ने कहा कि जो नेता अपनी ही सेना से सबूत मांगते हैं और पाकिस्तान के दावों पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं, वे आज देश को बताएं कि हिंदू-सिख अल्पसंख्यकों पर पाकिस्तान का यह अत्याचार उन्हें दिखता है या नहीं।
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब की एक-एक ईंट इन क्लीन चिट बांटने वालों के दोहरे चरित्र की गवाही दे रही है। चुग ने कहा कि मोदी सरकार का नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में प्रताड़ित हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों को संरक्षण देने के लिए ही लाया गया था, लेकिन कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और तमाम विपक्षी दलों ने इसका विरोध कर सड़कों पर आंदोलन कराए।
फारूकाबाद का ध्वस्त गुरुद्वारा साहिब आज उनसे पूछ रहा है — अगर CAA गलत था, तो पाकिस्तान में प्रताड़ित हिंदू-सिख कहाँ जाएं? चुग ने स्पष्ट कहा कि मोदी सरकार दुनिया के किसी भी कोने में हिंदू-सिख आस्था पर हमले को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और प्रताड़ित अल्पसंख्यकों के साथ पूरी ताकत से खड़ी रहेगी।