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सुखविंदर सिंह सुक्खू के दौरे से गदगद हुआ बड़ा भंगाल, लोगों ने सराहे प्रयास

2011 के बाद पहली बार किसी मुख्यमंत्री का दौरा, पहली बार हुआ रात्रि प्रवास

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कांगड़ा 28-Jun-2026

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के बड़ा भंगाल दौरे से क्षेत्र के लोगों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2011 के बाद पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल का दौरा किया है। 

उन्होंने यह भी कहा कि यह पहला अवसर है जब किसी मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में रात्रि प्रवास किया है। ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं और दिए गए निर्देशों से बड़ा भंगाल के विकास को नई गति मिलेगी। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पूरी तरह स्थानीय संस्कृति और परंपराओं में रंगे नजर आए। 

उन्होंने पारंपरिक वेशभूषा ‘चोला-डोरा’ धारण कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया तथा स्थानीय लोगों के साथ पारंपरिक लोकनृत्य में भी सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने स्थानीय किसानों के खेतों का दौरा कर उनकी समस्याओं को नजदीक से समझा। 

उन्होंने किसानों से राजमाह की खेती, उत्पादन और विपणन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की तथा भेड़पालकों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशभर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) उपलब्ध कराया जा रहा है। 

उन्होंने बताया कि सरकार ने ऊन का समर्थन मूल्य 100 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है, जिससे भेड़पालकों और स्थानीय किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बड़ा भंगाल के लोग भी सरकार की इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने ‘राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना’ लागू की है। इसके तहत प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्का का 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलोग्राम तथा पांगी घाटी में उत्पादित जौ का समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। 

इसके अतिरिक्त हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है, जबकि अदरक के लिए 30 रुपये प्रति किलोग्राम का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर स्थानीय विधायक किशोरी लाल, उपायुक्त हेमराज बैरवा तथा पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जिला कांगड़ा के दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल का दौरा कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने हेलिपैड के आसपास बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रशासनिक अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। 

मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल तक सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए अधिकारियों को प्रत्येक किलोमीटर के लिए अलग-अलग निविदाएं आमंत्रित करने तथा कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने को कहा। उन्होंने सड़क निर्माण के लिए आवश्यक मशीनरी को हवाई मार्ग से पहुंचाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। 

इस अवसर पर उन्होंने बड़ा भंगाल सड़क निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की। क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल करने के संबंध में मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बिजली विभाग को गांव में उपयुक्त क्षमता के डीजल जनरेटर स्थापित करने तथा सभी घरों में विद्युत कनेक्शन और वायरिंग के लिए सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए। 

सड़क सुविधा उपलब्ध होने तक वैकल्पिक बिजली व्यवस्था जारी रखने का आश्वासन देते हुए उन्होंने अपर बड़ा भंगाल और लोअर बड़ा भंगाल के लिए एक-एक डीजल जनसेट उपलब्ध करवाने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त बाढ़ से प्रभावित जलविद्युत परियोजना को पुनः संचालित करने तथा सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल के प्रसिद्ध राजमाह की अलग ब्रांडिंग कर उसे विशेष पहचान और बेहतर बाजार मूल्य दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय कृषि एवं बागवानी को प्रोत्साहित करते हुए लोगों से अखरोट एवं चेस्टनट के पौधे लगाने का आह्वान किया। 

स्थानीय मीट उत्पादों को भी बेहतर मूल्य उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया गया। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया। मोबाइल नेटवर्क सुविधा के संबंध में ग्रामीणों द्वारा उठाई गई मांग पर मुख्यमंत्री ने निजी दूरसंचार कंपनियों से बातचीत कर शीघ्र मोबाइल सेवा आरंभ करवाने का आश्वासन दिया। 

उन्होंने वन भूमि का उपयुक्त क्षेत्र चिन्हित कर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए तथा बड़ा भंगाल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल के विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना लाने, छात्रावास निर्माण पर विचार करने तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने की बात कही। 

उन्होंने घोषणा की कि विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने और समाप्त होने के समय हेली-टैक्सी सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही बच्चों को सीबीएसई स्कूलों में प्रवेश दिलाने की व्यवस्था करने का भी आश्वासन दिया। स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं हेतु प्रशिक्षित करने की बात कही, ताकि दुर्गम क्षेत्र में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके।

इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे राजनीति करने नहीं, बल्कि बड़ा भंगाल के लोगों का दुख-दर्द समझने आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति करनी होती तो वे अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों में जाते, लेकिन उनकी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे लोगों तक विकास पहुंचाना है। 

उन्होंने कहा कि शिमला में बैठकर योजनाएं बनाई जा सकती हैं, लेकिन धरातल पर लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझने के लिए क्षेत्र का दौरा आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल को प्राकृतिक पंचायत घोषित करने, क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास करने तथा राशन डिपो में खाद्यान्न कोटा बढ़ाने का आश्वासन दिया।

उन्होंने बाढ़ से सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन वॉल निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने दो स्थानीय महिला मंडलों को दो-दो लाख रुपये तथा एक युवक मंडल को एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि के तहत 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की घोषणा भी की।