5 Dariya News

चंडीगढ़ में कमजोर आबादी में बीमारियों की प्रारंभिक पहचान हेतु इंटेंसिफाइड इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप पहल की शुरुआत

5 Dariya News

चंडीगढ़ 24-Jun-2026

सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बीच समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज श्री शिव ठाकुर दवारा मंदिर, मनीमाजरा में इंटेंसिफाइड इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप पहल की शुरुआत की गई। इसका शुभारंभ डॉ. सद्भावना पंडित, कार्यवाहक मिशन डायरेक्टर (एनएचएम)-सह-निदेशक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, यूटी चंडीगढ़ द्वारा किया गया।

इस पहल का उद्देश्य कमजोर एवं उच्च जोखिम वाली आबादी को एक ही मंच पर व्यापक जांच एवं प्रारंभिक रोग पहचान सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत HIV, सिफिलिस, हेपेटाइटिस B, हेपेटाइटिस C, TB, उच्च रक्तचाप और मधुमेह की स्क्रीनिंग की जा रही है, ताकि समय पर निदान, उपचार और रेफरल सुनिश्चित किया जा सके।

लॉन्च के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन के चिकित्सकों द्वारा निक्षय मित्र पहल के तहत 10 टीबी मरीजों को गोद लिया गया तथा उनके उपचार एवं पोषण सहायता हेतु पोषण किट वितरित की गईं। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय एड्स एवं यौन संचारित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NACP), राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP), राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) तथा गैर-संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम (NP-NCD) के संयुक्त समन्वय से संचालित किया जा रहा है।

इस अवसर पर डॉ. सद्भावना पंडित ने कहा कि TB, HIV, वायरल हेपेटाइटिस, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियां अक्सर कमजोर वर्गों में एक साथ पाई जाती हैं, इसलिए एकीकृत स्क्रीनिंग और प्रारंभिक हस्तक्षेप अत्यंत आवश्यक है। जॉइंट ICTC और NTEP मोबाइल यूनिट्स द्वारा चेस्ट एक्स-रे, रक्त जांच, ब्लड प्रेशर, शुगर जांच, BMI आकलन, परामर्श और जोखिम मूल्यांकन किया जा रहा है। 

स्वास्थ्य टीमें चिन्हित स्थानों पर जागरूकता, स्क्रीनिंग, काउंसलिंग और रेफरल सेवाएं जारी रखेंगी। HIV रोकथाम एवं स्क्रीनिंग के लिए “ब्रेक फ्री ऐप” के उपयोग पर भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिससे लोग स्वयं जोखिम आकलन कर समय पर जांच एवं परामर्श प्राप्त कर सकें।

सभी जांच किए गए व्यक्तियों को आवश्यकतानुसार परामर्श एवं स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ा जा रहा है। इस पहल से उच्च जोखिम वाली आबादी में शीघ्र निदान, उपचार अपनाने और निरंतर देखभाल में सुधार की अपेक्षा है। स्वास्थ्य विभाग, यूटी चंडीगढ़ ने विशेष रूप से कमजोर क्षेत्रों के निवासियों से अपील की है कि वे इन शिविरों में भाग लें और इस पहल के अंतर्गत उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं का लाभ उठाएं।