5 Dariya News

मुख्यमंत्री भगवंत मान दें इस्तीफा, बेअदबी कानून के तहत दर्ज हो पर्चा: सुखजिंदर रंधावा

पुलिस अफसरों को तुरंत किया जाए बर्खास्त, इस्तेमाल किए रकम की हो जांच

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चंडीगढ़ 24-Jun-2026

पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने वायरल वीडियो की गुडगांव की लैब हुई फोरेंसिक जांच रिपोर्ट को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान, पंजाब सरकार और कुछ पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान से तुरंत इस्तीफा लेकर नए बेअदबी कानून के तहत पर्चा दर्ज किया जाए, क्योंकि मुख्यमंत्री भगवंत मान प्रशासनिक व्यवस्था के मुखिया हैं और पुलिस विभाग उनके अधीन कार्य करता है। जिन्होंने कथित रूप से श्री अकाल तख्त साहिब को गलत साबित करने की साजिश रची। श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के मुताबिक सीएम का वहिष्कार किया जाना चाहिए।

इस केस में इस्तेमाल किए गए संबंधित पुलिस अधिकारियों को तुरंत नौकरी से डिसमिस किया जाना चाहिए। वहीं, इस फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट पर प्रेस कांफ्रेंस करने वाले वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और आप प्रवक्ता बलतेज पन्नू पर भी कानूनी कार्रवाई हो। ताकि भविष्य में कोई भी संस्था या व्यक्ति श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा को चुनौती देने का साहस न कर सके।

रंधावा ने कहा कि हालिया घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री पंथ की मर्यादा और श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता का सम्मान नहीं करते। इसिलए मान ने गुरु मर्यादा और श्री अकाल तख्त साहिब के निर्णयों को गलत साबित करने के लिए दो बड़े पुलिस अधिकारियों ने गुरुग्राम जाकर एक फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाई। यह केवल एक व्यक्ति को बचाने का मामला नहीं, बल्कि सिख संस्थाओं की गरिमा को चुनौती देने का गंभीर प्रयास है। 

रंधावा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के जत्थेदार साहिबान के साथ राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता और मर्यादा पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। यदि मुख्यमंत्री को पहले से ही यह जानकारी थी कि जत्थेदार किसी राजनीतिक दल के लिए काम कर रहे हैं, तो उन्होंने अपनी पेशी के दौरान वायरल वीडियो को ए.आई. जनरेटेड बताकर स्वयं को निर्दोष साबित करने की कोशिश क्यों की? इससे स्पष्ट होता है कि उन्होंने उस समय झूठ बोला और सच्चाई को छिपाने का प्रयास किया।

उन्होंने आम आदमी पार्टी के हर मंत्री, विधायक और अधिकारी को इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा। पूछा कि वे झूठ और धोखे के साथ खड़े हैं या श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा और सत्य के साथ। उन्हें तय करना होगा कि वे पंजाब और सिख पंथ के सम्मान का साथ देंगे या एक व्यक्ति की कुर्सी बचाने के लिए संस्थाओं को बदनाम करने की राजनीति का हिस्सा बनेंगे।

अंत में रंधावा ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की चुपी पर भी सवाल उठाए। पूछा कि अब केजरीवाल चुप क्यों है। अंत में रंधावा ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा और सिख पंथ के सम्मान का विषय है। सभी राजनीतिक दलों, धार्मिक संगठनों और समाज के जागरूक वर्गों को मिलकर इसकी मर्यादा और प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।