शिरोमणी अकाली दल का दावा- भगवंत मान को लेकर AAP का झूठा नैरेटिव बेनकाब हुआ
5 Dariya News
चंडीगढ़ 20-Jun-2026
शिरोमणी अकाली दल ने आज कहा है श्री अकाल तख्त साहिब में मुख्यमंत्री भगवंत मान को पद से मुक्त करने के संबंध में आम आदमी पार्टी द्वारा फैलाई गई झूठी कहानी फैलाने और शिरोमणी अकाली दल के खिलाफ धरना प्रदर्शन करना उल्ट पड़ गया।यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता स. अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा है कि आम आदमी पार्टी ने अकाली दल के जिला मुख्यालयों का घेराव करने और विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश की लेकिन उनके प्रयास बुरी तरह नाकाम रहे क्योंकि पुलिस बल की सहायता के बावजूद वे बड़ी संख्या में समर्थन जुटाने में विफल रहे हैं।
उन्होने कहा कि राज्य के अलग-अलग जिलों से सामने आए वीडियो यह साफ हो गया है कि पार्टी के आहवाहन पर केवल आप पार्टी के कार्यकर्ता ही इकटठे हुए, जिसके कारण उनकी यह कोशिश बुरी तरह फ्लाप हो गई।अकाली नेता ने कहा कि इसी तरह जब श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री के श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होने की वीडियो सार्वजनिक की तो उसमें मुख्यमंत्री ने स्वयं निर्देश को स्वीकार किया थाा कि विवादित वीडियो की फोरेंसिक लेबोरेटरी से जांच करवाई जाए।
अकाली नेता ने कहा कि अब भी मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू सहित आप के कुछ नेताओं ने ही मुख्यमंत्री का बचाव करने की कोशिश की है, जबकि ज्यादातर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने चुप्पी साध ली है।अकाली नेता ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष गवाही के बाद मुख्यमंत्री ने कहा था कि उन्हें इन वीडियो की फोरेंसिक लेबोरेटरी में जांच कराने में कोई एतराज नही है क्योंकि यह वीडियो नकली है और ए.आई से बनाई गई है।उन्होने कहा कि जब फोरेंसिक लैब से जांच के बाद श्री अकाल तख्त साहिब ने घोषणा की कि यह वीडियो असली है तो मुख्यमंत्री को ‘‘गुरु दोखी‘‘ और ‘‘पंथ विरोधी ’’करार दिया गया तो आप पार्टी की सरकार ने नई रिपोर्ट जारी की जिसमें दावा किया गया कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति भगवंत मान नही है।
उन्होने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब का आदेश मानने के बजाय मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की सरकार की सारी मशीनरी जो सिख मामलों के खिलाफ स्टैंड लेने के लिए जानी जाती है, वह श्री अकाल तख्त साहिब के खिलाफ काम करने मंे जुट गई। उन्होने कहा कि सच्चाई यह है कि श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री को दोषी ठहराया है तो उन्हें टकराव की नीति अपनाने के बजाय विनम्रतापूर्वक इस फैसले को स्वीकार करना चाहिए और श्री अकाल तख्त साहिब के आगे पेश होना चाहिए ।