5 Dariya News

शिरोमणी अकाली दल ने भगवंत मान के खिलाफ 19 जुलाई से धर्मयुद्ध का ऐलान किया

गुरु साहिबान और खालसा पंथ के दुश्मन के खिलाफ पवित्र युद्ध करार दियाः सरदार सुखबीर सिंह बादल

5 Dariya News

चंडीगढ़ 18-Jun-2026

शिरोमणी अकाली दल ने आज श्री अकाल तख्त साहिब से 19 जुलाई से ‘‘धर्म युद्ध मोर्चा’’ शुरू करने की घोषणा की है जिसका मकसद ‘‘ गुरु का दोषी और खालसा पंथ विरोधी’’ भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद से हटाना है, ‘‘जिन्हें सिख गुरु साहिबान के सम्मान और पवित्र महिमा और खालसा पंथ के सर्वोच्च धार्मिक स्थान- श्री अकाल तख्त के सर्वोच्च धार्मिक -लौकिक अधिकार के खिलाफ बेअदबी का दोषी पाया गया है और यह  बेअदबी नामाफी काबिल है।’’

अकाली दल अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल   ने यहां पार्टी के मुख्य कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए घोषणा की कि इस ‘‘धर्मयुद्ध मोर्चा’’ का आगाज श्री अकाल तख्त साहिब की ‘छत्र छाया’ (आध्यात्मिक संरक्षण)के तहत शुरू किया जाएगा।सरदार बादल ने कहा,‘‘ महान गुरु साहिबान और  सिख नायकों के खिलाफ भगवंत मान ने जो कुछ भी किया है उसे बर्दाश्त नही किया जा सकता। उन्होने बहुत लंबे समय तक धर्मनिष्ठ सिख समुदाय के धैर्य की परीक्षा ली है , अब हद हो चुकी है।’’

अकाली दल अध्यक्ष ने सभी धार्मिक संगठनों, सिख जत्थेबंदियों, संप्रदायों, संत समाज, धार्मिक हस्तियों, सिख विद्धानों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक धार्मिक संगठनों और आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भाजपा के सभी सिख नेताओं , सभी राजनीतिक पार्टियों और अन्य सभी लोगों से धर्मयुद्ध में शामिल होकर ‘‘ गुरु दोषी और पंथ विरोधी’ के खिलाफ सामूहिक रूप से लड़ने की अपील की है।

अकाली दल अध्यक्ष ने वरिष्ठ अकाली नेता स. बलविंदर सिंह भूंदड़ की अध्यक्षता में पांच मैंबर काआर्डिनेशन कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में महेश इंदर सिंह ग्रेवाल, गुलजार सिंह रणीके, डा. दलजीत सिंह चीमा और अमरजीत सिंह चावला भी शामिल हैं और वे सभी पंजाबियों से मान के विरूद्ध इस सामूहिक धर्मयुद्ध मोर्चा का हिस्सा बनने का अनुरोध करेंगें।

सरदार बादल ने जोर देकर कहा,‘‘ पंजाब जिओंदा गुरुां दे नाम ते।  उन्होने कहा,‘‘ कोई भी राजनीतिक पार्टी यां धार्मिक संगठन इस पवित्र जमीन पर किसी भी  ‘‘ दुष्ट’’ यां ‘‘ गुरु के दोषी’’ को शासन करने की अनुमति नही दे सकते। उन्होने कहा,‘‘ यह गुरु साहिबान और खालसा पंथ के दुश्मन के खिलाफ एक गैर- पक्षपातपूर्ण और सामूहिक पवित्र युद्ध है।सरदार बादल ने यह घोषणा की कि अकाली विधायक तब तक विधानसभा में शामिल नही होंगें जब तक मुख्यमंत्री भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद से हटाया नही जाता ।

सरदार बादल ने बताया,‘‘ शराबी भगवंत मान को संगत द्वारा कई बार बरगाड़ी सभा और तख्त श्री दमदमा साहिब जैसे पवित्र स्थान से नशे की हालत में बाहर निकालना पड़ा। उनकी बेटी सहित उनके परिवार ने उन पर नशे की हालत में सिख धार्मिक स्थानों पर जाकर उनकी पवित्रता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होने आदतन नशे की हालत में संसद और विधानसभा जाकर सिखों का बदनाम किया है।’’

अकाली दल अध्यक्ष ने बताया कि इससे पहले भगवंत मान को जनवरी 2024 में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा सुल्तानपुर लोधी गुरुद्वारे में पुलिस गोलीबारी का दोषी घोषित किया गया था।भगवंत मान की कड़ी निंदा करते हुए सरदार बादल ने कहा कि वह वीडियो में पूरी तरह से नशे में धुत है और महान गुरु साहिबान और सिख नायकों की तस्वीरों पर शराब उड़ेलते दिखाई दे रहे हैं, वह वीडियो एक साल से अधिक समय से सार्वजनिक डोमेन में है।  

इस वीडियो को उनके अपने दोस्त ने शूट और प्रसारित किया था, जिनके खिलाफ अक्टूबर 2025 में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।अकाली दल अध्यक्ष ने बताया कि एफआईआर और अदालती मुकदमें में सरकार ने इसे ‘‘फर्जी’’ घोषित किया और कहा कि  यह आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस की सहायत से इसे तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। समन भेजे जाने पर उन्होने खुद इस साल जनवरी में श्री अकाल तख्त साहिब के सामने यह स्वीकार किया कि यह वीडियो ए.आई द्वारा बनाई गई है। 

उन्होने कहा,‘‘ श्री अकाल तख्त साहिब ने भगवंत मान से कहा था कि वे अपनी पसंद की दो फोरेंसिंक लैब के नाम बताएं ताकि वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि की जा सके।  भगवंत मान ने लगभग छह महीने तक ऐसा नही किया। जत्थेदार साहिब द्वारा दो अलग-अलग अनुस्मारकों के बावजूद कोई जवाब नही दिया गया। जत्थेदार साहिब ने उनकी उदासीनता को देखते हुए वीडियो को देश की दो प्रमुख फोरेंसिक लैब में भेजा और लैब ने पाया कि यह वीडियो पूरी तरह से प्रमाणिक है और यह ए.आई निर्मित नही है, जैसा कि भगवंत मान ने दावा किया था।’’

अकाली दल अध्यक्ष ने कहा,‘‘ अब अचानक वह उस सार्वजनिक स्वीकारोक्ति से पलटी मार कर दावा कर रहा है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वह नही है।  जब वह पूरी तरह से बेनकाब हो गया तो उसने दो दिनों के भीतर लुधियाना के पुलिस कमिश्नर की मदद से फर्जी लैब रिपोर्ट तैयार करवा ली। सरदार बादल ने कहा,‘‘ इतने कम समय में यह मानवीय रूप से असंभव है, क्योंकि किसी भी फोरेंसिक लैब में सत्यापन की जांच के लिए कम से कम चार सप्ताह लगते हैं।’’

सरदार बादल ने सवाल पूछते हुए कहा,‘‘ मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि अगर वे दोषी नही थे तो उन्होने सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरह से जांच क्यों नही करवाई? उन्होने कहा,‘‘ मुझे पता चलता है कि वे इस मामले में पंजाब के डीजीपी से संपर्क कर रहे हैं, इसीलिए मैं उन्हेें चुनौती देता हूं  कि अगर भगवंत मान इस बेअदबी के दोषी नही हैं तो वे सी.बी.आई से संपर्क करें।’’ अकाली दल अध्यक्ष ने भगवंत मान को लाई डिटेक्शन टेस्ट कराने की चुनौती भी दी।

अकाली नेता ने कहा कि बेअदबियां (बेअदबी) और आम आदमी पार्टी एक साथ आए हैं। उन्होने बताया कि आप पार्टी के विधायक नरेश यादव को 2016 में रमजान के दौरान हुई कुरान शरीफ की बेअदबी करने के आरोप में अदालत ने दोषी करार दिया था। उन्होने कहा कि यादव को पार्टी से निष्कासित करने के बजाय केजरीवाल ने उन्हे दिल्ली से दोबारा विधायक की टिकट देकर सम्मानित किया था।

अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि वित्तमंत्री हरपाल चीमा जो आज भगवंत मान का बचाव कर रहे हैं , यह वही व्यक्ति हैं जिन्होने उस समय नरेश यादव का संरक्षण किया था। उन्होने कहा,‘‘ स. चीमा एक बेहद संवेदनशील मुददे पर खालसा पंथ को चुनौती दे रहे हैं। मैं उनसे इससे दूर रहने की अपील करता हूं।’’पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए सरदार बादल ने कहा कि किसी भी कमीशन यां जांच एजेंसी ने अपनी जांच रिपोर्ट में कभी भी किसी अकाली नेता  यां कार्यकर्ता को दोषी नही ठहराया है।

सरदार बादल ने जस्टिस ज़ोरा सिंह (सेवानिवृत) का हवाला देते हुए कहा कि उन्होने पंजाब में हुई बेअदबी की घटनाओं के लिए आम आदमी पार्टी की लीडरशीप पर खुलेआम दोषी ठहराया था। उन्होने भगवंत मान द्वारा जारी बरगाड़ी बेअदबी जांच रिपोर्ट का भी जिक्र किया, जिसमें डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को पंजाब में बेअदबी करने का दोषी पाया गया था, लेकिन उनकी सरकार ने आज तक रिर्पोर्ट में नामित दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की है। उन्होने बताया कि सच्चाई यह है कि भगवंत मान सरकर ने डेरा प्रमुख पर मुकदमा चलाने की मंजूरी तक नही दी।