5 Dariya News

जीटीए के कामकाज में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच की जाएगी : मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी

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कोलकाता 16-Jun-2026

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि उत्तरी बंगाल के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कुर्सियोंग की पहाड़ियों में नागरिक मामलों का प्रबंधन करने वाली स्वायत्त संस्था गोरखालैंड प्रादेशिक प्रशासन (जीटीए) के कामकाज में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच के आदेश दिए जाएंगे। वर्तमान जीटीए बोर्ड का संचालन अनीत थापा द्वारा स्थापित भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (बीजीपीएम) द्वारा किया जा रहा है।

मोर्चा राज्य की पूर्व सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस की पहाड़ी सहयोगी पार्टी है। पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने के बाद पहाड़ियों की अपनी पहली यात्रा पर मंगलवार दोपहर कुर्सियोंग में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री अधिकारी ने यह भी घोषणा की कि जल्द ही स्कूलों में शिक्षकों और पहाड़ियों के लिए पुलिस कर्मियों की भर्ती की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पहाड़ न केवल पश्चिम बंगाल का, बल्कि पूरे देश का गौरव हैं। मैं यहां घूमने नहीं आया हूं। मुझे यहां काम करना है। मैं पहाड़ों के विकास के लिए एक विशिष्ट कार्यसूची तैयार कर रहा हूं। वर्षों से पहाड़ों के निवासियों ने भारत माता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है। मुझे पता है कि पिछली सरकार (तृणमूल कांग्रेस सरकार) के दौरान पहाड़ों की क्या हालत थी।

अब आप देखेंगे कि पहाड़ों का विकास कैसे हुआ है। इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने अपनी पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर पहाड़ों के बार-बार दौरे करने के लिए तीखा हमला भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली मुख्यमंत्री जानती थीं कि उन्हें पहाड़ी जनता का वोट नहीं मिलेगा। इसलिए उन्होंने क्षेत्र के विकास के बजाय अपनी मौज-मस्ती के लिए पहाड़ियों को चुना।

पहाड़ी नगरपालिकाओं में चुनाव कराने के बजाय प्रशासकों की नियुक्ति करके पहाड़ी जनता का पैसा लूटा गया। जीटीए में शिक्षकों की नियुक्ति में हुए भ्रष्टाचार की पूरी जांच की जाएगी। इस भ्रष्टाचार में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें जेल भेजा जाएगा। हमारी (भाजपा) सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति पर चलेगी।

गोरखा आंदोलन के दौरान ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दर्ज किए गए झूठे मामलों के संबंध में मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि उन्होंने इस मामले में सभी झूठे मामलों को तुरंत वापस लेने का आदेश दे दिया है। उन्होंने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वालों के परिवारों को 5 लाख रुपए का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी वादा किया।