GMADA के हजारों करोड़ रुपये के बकाए वसूलने में विफल रही आप सरकार : बलबीर सिद्धू
5 Dariya News
मोहाली 16-Jun-2026
पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बलबीर सिंह सिद्धू ने आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार पंजाब को कर्ज के बोझ तले दबा रही है, जबकि दूसरी तरफ बड़े बिल्डरों से सरकार की बकाया राशि वसूलने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। सिद्धू ने कहा कि लगभग 20 रियल एस्टेट प्रमोटरों ने सरकार के 1000 करोड़ रुपये से अधिक के बकाए का अभी तक भुगतान नहीं किया है।
ये सभी परियोजनाएं मोहाली में हैं और GMADA के अधीन आती हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि बकाएदारों की सूची में मोहाली से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलवंत सिंह से संबंधित Janta Land Promoters का नाम भी शामिल है, जिस पर लगभग 152 करोड़ रुपये बकाया हैं।
उन्होंने कहा कि जब आम लोगों से बिजली बिल, पानी बिल, टैक्स और अन्य सरकारी बकायों की सख्ती से वसूली की जाती है, तो फिर सत्ताधारी पार्टी के विधायकों और बड़े बिल्डरों पर बकाया करोड़ों रुपये क्यों नहीं वसूले जा रहे? आखिर सरकार इन्हें किस बात की रियायत दे रही है?
बलबीर सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार हर महीने हजारों करोड़ रुपये का नया कर्ज ले रही है और पंजाब के लोगों को कर्ज में डुबो रही है। यदि सरकार अपनी बनती राशि भी इन लोगों से वसूल नहीं कर सकती, तो यह उसकी नीयत और प्रशासनिक क्षमता दोनों पर बड़ा सवाल है।
उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और भेदभावपूर्ण स्थिति है कि पंजाब के किसानों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ता है, उनके कर्ज माफ नहीं किए जाते और छोटी-छोटी बकाया राशियों के लिए नोटिस भेजे जाते हैं। लेकिन दूसरी ओर, जब आप के विधायकों और बड़े बिल्डरों की बात आती है, तो सरकार चुप क्यों हो जाती है?
इससे साफ जाहिर होता है कि आम आदमी और किसानों के लिए एक कानून है, जबकि सत्ताधारी पार्टी के चहेते बिल्डरों के लिए दूसरा। पंजाब के लोग जानना चाहते हैं कि सरकार आखिर इन बड़े डिफॉल्टरों पर इतनी मेहरबान क्यों है और उनसे सरकारी खजाने की बकाया राशि वसूल क्यों नहीं की जा रही?
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या आम आदमी पार्टी के नेताओं और उनसे जुड़ी कंपनियों के लिए अलग कानून हैं? यदि केवल मोहाली में ही लगभग 1000 करोड़ रुपये की बकाया राशि है, तो पूरे पंजाब में यह राशि कितनी होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
सिद्धू ने मांग की कि GMADA के सभी बकाएदारों से बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के सरकारी राशि की तुरंत वसूली की जाए ताकि पंजाब के खजाने को हो रहे नुकसान को रोका जा सके।