स्वस्थ आयु के लिए योग, पीढ़ियों के स्वास्थ्य, गरिमा और कल्याण के लिए एक वैश्विक आह्वान : प्रतापराव जाधव
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोलकाता से वैश्विक योग अभियान का नेतृत्व करेंगे
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नई दिल्ली 15-Jun-2026
आयुष मंत्रालय ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) के लिए कर्टन रेजर कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम के साथ ही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की ओर अग्रसर राष्ट्रव्यापी और वैश्विक समारोहों का औपचारिक शुभारंभ हुआ, जिसका समापन 21 जून को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम में होगा।
केंद्रीय आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुश्री मोनालिसा डैश, आयुष मंत्रालय के उप महानिदेशक श्री सत्यजीत पॉल और पत्र सूचना कार्यालय के प्रधान महानिदेशक श्री धीरेंद्र ओझा की उपस्थिति में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित किया।
प्रेस वार्ता में श्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का विषय, "स्वस्थ आयु के लिए योग", वर्तमान शताब्दी की सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करने के साथ ही अनेक अवसरों का सृजन भी करता है। श्री प्रतापराव जाधव ने कहा, "विश्वभर में लोग पहले से कहीं अधिक दीर्घायु हो रहे हैं। हालांकि, असली चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि ये अतिरिक्त वर्ष स्वस्थ, सक्रिय, आत्मनिर्भर और सार्थक हों।
योग शारीरिक स्वास्थ्य को मजबूत करके, मानसिक कल्याण को बढ़ावा देकर और जीवन की समग्र गुणवत्ता को बढ़ाकर स्वस्थ आयु की दिशा में एक सर्वकालिक और समग्र मार्ग प्रदान करता है।" अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत से लेकर इसकी उल्लेखनीय यात्रा पर विचार करते हुए, श्री जाधव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा भारत के प्रस्ताव को अपनाने से योग एक भारतीय परंपरा से स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक वैश्विक अभियान में परिवर्तित हो गया।
श्री प्रतापराव जाधव ने कहा, "आज योग ने सीमाओं, संस्कृतियों और भाषाओं की सीमाओं को पार कर लिया है। यह एक साझा वैश्विक अभियान के रूप में उभरा है जो लोगों को स्वास्थ्य, सद्भाव और कल्याण की खोज में एक साथ लाता है।" इस अभियान की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहुंच पर प्रकाश डालते हुए, श्री जाधव ने बताया कि भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के समन्वय से, विदेशों में स्थित 210 से अधिक भारतीय मिशन विश्व भर में लगभग 2,500 स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे।
श्री जाधव ने कहा, "यह अभूतपूर्व भागीदारी योग की सार्वभौमिक अपील और विभिन्न समाजों में समकालीन स्वास्थ्य सम्बंधी चुनौतियों से निपटने में इसकी प्रासंगिकता को दर्शाती है।" श्री जाधव ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों के दौरान हासिल की गई एक महत्वपूर्ण उपलब्धि की भी घोषणा की। 14 जून को आयोजित विशेष राष्ट्रव्यापी लाइव योग सत्र का जिक्र करते हुए श्री जाधव ने कहा कि इसमें चार लाख से अधिक प्रतिभागियों ने एक साथ भाग लिया, जिससे एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना।
श्री जाधव ने यह भी कहा, "यह उपलब्धि योग के प्रति लोगों के असाधारण उत्साह को दर्शाती है और यह साबित करती है कि इस अभियान में जनभागीदारी हर साल नई ऊंचाइयों को छू रही है।" श्री जाधव ने कहा कि संस्कृति मंत्रालय देश भर में 100 प्रतिष्ठित स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करेगा, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और योग परंपराओं को एक साथ लाएगा।
श्री जाधव ने कहा, "यह पहल स्वास्थ्य, संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव का एक अनूठा संगम बनाएगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस एक ऐसे उत्सव में बदल जाएगा जो पीढ़ियों और भौगोलिक क्षेत्रों में गूंजेगा।" श्री जाधव ने घोषणा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का मुख्य राष्ट्रीय समारोह 21 जून को कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने पिछले कुछ महीनों में आयोजित सफल आयोजनों पर भी प्रकाश डाला, जिनमें नई दिल्ली में 100 दिन का उलटी गिनती कार्यक्रम, महाराष्ट्र के लोनार में 75 दिन का कार्यक्रम, हैदराबाद के कान्हा शांति वनम में 50 दिन का कार्यक्रम और खजुराहो में 25 दिन का उलटी गिनती कार्यक्रम शामिल हैं। श्री जाधव ने 13 से 20 जून तक आयोजित हो रही "गंगोत्री से गंगासागर: गंगा तट योग यात्रा" पर भी प्रकाश डाला।
गंगोत्री, हरिद्वार, वाराणसी, पटना, हुगली और गंगासागर सहित विभिन्न स्थानों को कवर करने वाली इस पहल का उद्देश्य योग को पर्यावरण संरक्षण, नदी संस्कृति और सामुदायिक भागीदारी से जोड़ना है। श्री जाधव ने यह भी बताया कि मुख्य कार्यक्रम से पहले कोलकाता में कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 19 जून को शहर में "दौड़ से ध्यान" कार्यक्रम होगा, जो शारीरिक तंदुरुस्ती और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध को बढ़ावा देगा।
20 जून को "वंदे योगम" और पश्चिम बंगाल दिवस जैसे समारोहों में योग, देशभक्ति और सांस्कृतिक विरासत का सामंजस्यपूर्ण संगम देखने को मिलेगा। श्री जाधव ने नागरिकों से समारोहों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा, "योग मानवता के लिए भारत के सबसे महान योगदानों में से एक है। मैं सभी आयु वर्ग के लोगों से आग्रह करता हूं कि वे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के समारोहों में शामिल हों और स्वस्थ, खुशहाल और अधिक संतुष्टिदायक जीवन के लिए योग को दैनिक अभ्यास के रूप में अपनाएं।"
इससे पहले, पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के प्रधान महानिदेशक श्री धीरेन्द्र ओझा ने गणमान्य व्यक्तियों और मीडियाकर्मियों का स्वागत किया। आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुश्री मोनालिसा डैश ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के विषय, प्रमुख पहलों और कार्यान्वयन रणनीति की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए एक विस्तृत प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक विशेष फिल्म भी प्रदर्शित की गई। प्रेस वार्ता का समापन एक संवाद आधारित सत्र के साथ हुआ, जिसमें श्री प्रतापराव जाधव ने स्वस्थ आयु के विषय, कोलकाता में राष्ट्रीय कार्यक्रम की तैयारियों, वैश्विक भागीदारी, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की उपलब्धि और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के लिए नियोजित विभिन्न पहलों पर मीडिया प्रतिनिधियों के सवालों के जवाब दिए।