मनदीप सिंह बराड़ ने एनएचएम कार्यक्रमों की समीक्षा की
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश
5 Dariya News
चंडीगढ़ 12-Jun-2026
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), यूटी चंडीगढ़ की राज्य स्वास्थ्य समिति की कार्यकारी समिति ने आज स्वास्थ्य सचिव श्री मनदीप सिंह बराड़ की अध्यक्षता में विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को पेपरलेस बनाने तथा अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (एनआईसी द्वारा विकसित नेक्स्टजेन ई-हॉस्पिटल) को और अधिक प्रभावी एवं उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने आईटी अवसंरचना से संबंधित कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश भी दिए। समिति ने पीजीआईएमईआर, जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16, एसडीएच मनीमाजरा, यूसीएचसी-22, यूसीएचसी-45 तथा ईएसआई अस्पताल, रामदरबार सहित प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में गत वित्तीय वर्ष के दौरान हुई सामान्य एवं सिजेरियन डिलीवरी से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा की।
बैठक में निर्देश दिए गए कि चंडीगढ़ से बाहर के लाभार्थियों के आंकड़ों का जिला एवं राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर विश्लेषण किया जाए, ताकि प्रमुख रेफरल क्षेत्रों की पहचान कर संबंधित राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके। बैठक में पीएम-एबीएचआईएम के अंतर्गत स्थापित किए जा रहे चार शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (यूएएएम) के अवसंरचना विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई।
संबंधित विभागों को लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा उपलब्ध धनराशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वित्तीय वर्ष 2025-26 के कार्यक्रमवार व्यय की समीक्षा अगली बैठक में की जाएगी। समिति ने स्वास्थ्य संस्थानों के लिए अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की स्थिति तथा पात्र संस्थानों में आईएसओ प्रमाणन की संभावनाओं की समीक्षा कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति की भी पृथक समीक्षा की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य एवं विकास से संबंधित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर एक जागरूकता वीडियो तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में संयुक्त सचिव स्वास्थ्य, निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण-सह-मिशन निदेशक (एनएचएम), नोडल अधिकारी (एनएचएम), आयुष विभाग के प्रतिनिधि, क्षेत्रीय निदेशक (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय) तथा स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रम अधिकारी उपस्थित रहे।