डिप्टी कमिश्नर ने डेंगू एवं मच्छरों से होने वाली बीमारियों की रोकथाम तथा जागरूकता अभियान तेज करने के दिए निर्देश
जिले में पीने के पानी की नियमित जांच तथा दूषित पानी की संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने पर भी जोर
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पटियाला 09-Jun-2026
पटियाला के डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि पंजाब सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप जिला निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में कोई ढिलाई न बरती जाए। आज जिला स्वास्थ्य सोसायटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने जिले में डेंगू तथा मच्छरों से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए फॉगिंग अभियान में तेजी लाने, घर-घर जाकर लारवा जांच करने तथा डेंगू मच्छर का लारवा मिलने पर नियमानुसार चालान कर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि नागरिकों को दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए स्थानीय निकायों तथा जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर पानी की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि संभावित रूप से दूषित पानी वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक बचाव उपाय भी किए जाएं।
जिले में टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने टीबी मरीजों को संतुलित आहार किट उपलब्ध करवाने, उपचार सुविधाओं तथा नियमित जांच व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने 14 वर्ष तक की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा गर्मी की लू से बचाव संबंधी जागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कम ओपीडी वाले आम आदमी क्लीनिकों में मरीजों की संख्या बढ़ाने के लिए जन-जागरूकता अभियान तेज करने तथा मरीजों का विश्वास जीतने के लिए डॉक्टरों को लोगों के साथ अधिक निकटता बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है, इसलिए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए सेवाओं की गुणवत्ता प्रत्येक स्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा प्रभावित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग को और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नशों के खिलाफ जागरूकता गतिविधियों को और तेज किया जाए तथा युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाए। डिप्टी कमिश्नर ने मुख्यमंत्री सेहत योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
इसके लिए नागरिकों का पंजीकरण बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को उनके घरों के निकट ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने तथा स्वास्थ्य जांच संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने पीसीपीएनडीटी एक्ट, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, मुख्यमंत्री कैंसर राहत कोष योजना तथा अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की भी समीक्षा की।
इस अवसर पर एडीसी (शहरी विकास) नवरीत कौर सेखों, डॉ. विकास गोयल, डॉ. कुशलदीप कौर गिल, डॉ. जसविंदर सिंह, डॉ. सुमित सिंह, डॉ. बलकार सिंह सहित सभी एसएमओ एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।