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कविन्द्र गुप्ता ने डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की 17वीं सीनेट बैठक की अध्यक्षता की

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शिमला 09-Jun-2026

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कविन्द्र गुप्ता ने आज डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में आयोजित 17वीं सीनेट बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर विधायक एवं सीनेट सदस्य संजय अवस्थी व विनोद सुल्तानपुरी, कुलपति डॉ. हरमिंदर सिंह बवेजा, सीनेट के अन्य सदस्य, प्राध्यापक तथा अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों की समीक्षा की तथा विभिन्न महत्त्वपूर्ण विषयों पर अपने सुझाव एवं निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में विश्वविद्यालय द्वारा प्राप्त उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान बागवानी, वानिकी तथा पर्वतीय कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की दीर्घकालिक विकास योजना पर बल देते हुए इसे देश के अग्रणी कृषि एवं बागवानी विश्वविद्यालयों में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रमों को समयानुकूल बनाने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डाटा एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी जैसी आधुनिक तकनीकों को शिक्षा व्यवस्था में समुचित स्थान देने पर भी बल दिया।

उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के पुनर्गठन की प्रक्रिया निर्धारित समयावधि में पूर्ण की जाए तथा विभिन्न वित्तीय संस्थानों और औद्योगिक साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाकर विद्यार्थियों के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित किए जाएं। इस अवसर पर राज्यपाल ने वर्चुअल माध्यम से ‘नक्षत्र वाटिका’ तथा ‘स्व-रोजगार धाम’ का शिलान्यास एवं ‘डिजिटल नॉलेज सेंटर’ का उद्घाटन किया। 

उन्होंने विश्वविद्यालय के विभिन्न उत्पादों का भी लोकार्पण किया। इसके उपरांत, राज्यपाल ने ‘स्व-रोजगार धाम’ की अवधारणा एवं उद्देश्यों पर आधारित प्रस्तुति का अवलोकन किया। विश्वविद्यालय परिसर में विकसित की जा रही नक्षत्र वाटिका में वृत्ताकार स्वरूप में 27 नक्षत्र वृक्षों का रोपण, आयुर्वेदिक औषधीय उद्यान, ध्यान क्षेत्र, हवन कुंड, बांस संरचनाएं, कमल जल संरचना, सेंसरी पाथवे, योग डेक, पत्थर की बैठक व्यवस्था तथा सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था एवं ड्रिप सिंचाई जैसी टिकाऊ सुविधाएं विकसित की गई हैं।

इस अवसर पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के सत्यानंद स्टोक्स पुस्तकालय में स्थापित आधुनिक डिजिटल नॉलेज सेंटर का भी शुभारंभ किया। परलेगो एवं मैगज्टर जैसे डिजिटल डेटाबेस के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को 13 लाख से अधिक पुस्तकों तथा पांच लाख से अधिक जर्नल, पत्रिकाओं एवं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय समाचार पत्रों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध होगी। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थित बेकरी यूनिट, फ्लोरल क्राफ्ट लैब, यूजी लैब एवं इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी लैब तथा ‘स्व-रोजगार धाम’ और टेरारियम साइट का निरीक्षण भी किया। 

उन्होंने इन नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, फल, सब्जियों एवं बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयासों की भी सराहना की। 

उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों, मूल्य संवर्धन और कृषि प्रसंस्करण के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने में विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका है। अपने संबोधन में राज्यपाल ने शिक्षा एवं अनुसंधान में उत्कृष्टता, तकनीक आधारित कृषि परिवर्तन, जलवायु-अनुकूल एवं सतत कृषि प्रणालियों को बढ़ावा, युवाओं में उद्यमिता एवं स्टार्टअप संस्कृति का विकास तथा किसान-विश्वविद्यालय-उद्योग साझेदारी को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समर्पित नेतृत्व, प्रतिबद्ध संकाय और विद्यार्थियों के सहयोग से विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करेगा।

राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, उद्यान विभाग के निदेशक सतीश शर्मा, कृषि विभाग के निदेशक रविंद्र सिंह जसरोटिया, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन राहुल जैन, पुलिस अधीक्षक सोलन टी. साई दत्तात्रेय वर्मा, सीनेट के सदस्य तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।