राज्यपाल की घोषणा के अनुरूप मेधावी विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग पहल आयोजित
उपायुक्त ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से किया संवाद; करियर मार्गदर्शन, मेंटरशिप एवं वित्तीय सहायता के विकल्पों पर चर्चा
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चंडीगढ़ 05-Jun-2026
पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया द्वारा गत माह पंजाब लोक भवन में आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह के दौरान की गई घोषणा के क्रम में, चंडीगढ़ प्रशासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने आज सीबीएसई कक्षा 12वीं परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सरकारी विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग एवं संवाद सत्र आयोजित किया।
यह पहल प्रशासक द्वारा मेधावी विद्यार्थियों के लिए संरचित करियर मार्गदर्शन एवं सहायता तंत्र उपलब्ध कराने की घोषणा के अनुपालन में की गई है। यह कार्यक्रम प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा सरकारी विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए अवसरों का विस्तार करने की दिशा में चंडीगढ़ प्रशासन के सतत प्रयासों का हिस्सा है।
इस संवादात्मक सत्र में लगभग 50 मेधावी विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में यूटी चंडीगढ़ के उपायुक्त श्री निशांत कुमार यादव, आईएएस, चंडीगढ़ प्रशासन के निदेशक स्कूल शिक्षा श्री नितीश सिंगला तथा शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री निशांत कुमार यादव ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए और बताया कि किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत, अनुशासन एवं निरंतर सीखने की भावना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास एवं प्रतिबद्धता के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने तथा अपनी रुचि, योग्यता एवं दीर्घकालिक उद्देश्यों के अनुरूप करियर का चयन करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के साथ संवाद के दौरान उपायुक्त ने उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, लोक सेवा, उभरते हुए करियर क्षेत्रों तथा छात्रवृत्ति के अवसरों से संबंधित विभिन्न प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को उत्कृष्टता प्राप्त करने के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति भी सजग रहने का संदेश दिया।
सिविल सेवा में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले एक विद्यार्थी के प्रश्न के उत्तर में श्री निशांत कुमार यादव ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) तथा अन्य लोक सेवाओं में उपलब्ध अवसरों, जिम्मेदारियों एवं चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर विद्यार्थियों को करियर विकल्पों का चयन सोच-समझकर करने की सलाह दी।
इस अवसर पर निदेशक स्कूल शिक्षा श्री नितीश सिंगला ने कहा कि यह पहल मेधावी विद्यार्थियों को निरंतर करियर मार्गदर्शन एवं मेंटरशिप उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग के एक संरचित प्रयास की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि विभाग भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा ताकि विद्यार्थी अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक लक्ष्यों के अनुरूप बेहतर निर्णय ले सकें।
सत्र का मुख्य फोकस तीन प्रमुख क्षेत्रों पर रहा—करियर मार्गदर्शन एवं मेंटरशिप, शैक्षणिक एवं करियर संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान तथा उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की पहचान। इस दौरान गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहलों, परोपकारी संस्थाओं एवं अन्य हितधारकों के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई, ताकि आर्थिक सीमाएं किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की आकांक्षाओं में बाधा न बनें।
विद्यार्थियों ने सत्र में सक्रिय भागीदारी करते हुए अपनी आकांक्षाएं साझा कीं तथा विभिन्न करियर विकल्पों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस संवाद से उन्हें भविष्य की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक संभावनाओं के संबंध में उपयोगी जानकारी एवं स्पष्टता प्राप्त हुई।
यह कार्यक्रम मेधावी विद्यार्थियों को मेंटरशिप, करियर मार्गदर्शन तथा शैक्षणिक अवसरों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने संबंधी प्रशासक की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे अपनी पूर्ण क्षमता का विकास कर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दे सकें।