अमित शाह ने त्रिपुरा बॉर्डर का दौरा किया, स्मार्ट बॉर्डर विजन का अनावरण किया
बॉर्डर फेंसिंग का मेगा आधुनिकीकरण - 650 किमी पुरानी बाड़ का नवीनीकरण, 119 किमी नई मॉडर्न फेंसिंग मंजूर, पहला चरण शुरू
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त्रिपुरा 05-Jun-2026
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज सीमा सुरक्षा बल (BSF) की लंकामूरा सीमा चौकी (BOP) का निरीक्षण किया और BSF के जवानों के साथ संवाद किया। केन्द्रीय गृह मंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत अगर पौधे का रोपण किया।
इस अवसर पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, केन्द्रीय गृह सचिव, निदेशक, आसूचना ब्यूरो, सचिव, सीमा प्रबंधन और महानिदेशक, सीमा सुरक्षा बल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज वृक्षारोपण का कार्यक्रम भी यहां हुआ है।
2019 से लेकर आज तक हमारे सभी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के जवानों ने लगभग 7.5 करोड़ से अधिक वृक्ष लगाने का काम किया है। इस वर्ष 40 लाख से 60 लाख वृक्ष लगाएंगे और लगाए हुए वृक्षों में से जो वृक्ष जीवित नहीं रह सके, उन सभी वृक्षों को दोबारा लगाने का काम किया जाएगा। अगले वर्ष CAPFs के जवान 2 करोड़ वृक्ष लगाने का काम करेंगे, जिससे पर्यावरण और देश की सेवा होगी।
श्री अमित शाह ने आज विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण संरक्षण के महत्त्व और उस दिशा में मोदी सरकार के कार्यों पर भी प्रकाश डाला। श्री शाह ने कहा कि ओजोन की परत ही सूर्य की किरणों को मानव और अन्य जीवों के लायक बनाती है। उन्होंने कहा कि इसे बचाने का एकमात्र उपाय वृक्षों की संख्या को बढ़ाना है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए कई प्रकार के कदम एक साथ उठाए हैं। इस दिशा में एक प्रकार से भारत का मॉडल पेरिस सम्मेलन में आदर्श मॉडल के रूप में स्वीकारा गया। उन्होंने कहा कि हमने पेरिस घोषणा के हर बिंदु को समयपूर्व पूरा कर ऋग्वेद के पर्यावरण की रक्षा के संदेश के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को विश्व के सामने साबित किया है।
उन्होंने कहा कि CAPFs के सभी जवान बड़े मनोयोग के साथ एक वृक्ष को अपना परिजन मानकर इसकी देखभाल कर रहे हैं। यह सरकारी आदेशों से प्रेरित कार्यक्रम नहीं होना चाहिए, बल्कि सहज आदत होनी चाहिए, क्योंकि यही आदत हमें बचा सकती है। श्री अमित शाह ने कहा कि आज सीमा सुरक्षा बल की 37वीं वाहिनी में जवानों के आवास का ई- लोकार्पण और बीएसएफ 97वीं वाहिनी में क्वार्टर गार्ड परिसर का ई-शिलान्यास किया गया है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सामीओं की रक्षा करने वाले हमारे जवानों की सुविधा बढ़ाने के लिए कई प्रकार के काम किए हैं। जवानों और उनके परिवार के स्वास्थ्य की चिंता और उनके परिवार के रहने के लिए मकान की चिंता भी की है। उन्होंने कहा कि BSF का नाम लेते ही देशवासियों के मन में सम्मान का भाव आता है और यह बताता है कि आपकी कठिनाइयों को देश की जनता देख रही है, महसूस कर रही है और आपके तप, त्याग और समर्पण को स्वीकृति भी दे रही है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि BSF के पास महत्त्वपूर्ण सीमाओं की सुरक्षा का जिम्मा है। इतने बड़े बॉर्डर पर कहीं हर जगह एक अलग प्रकार की चुनौती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने निर्णय लिया है कि जहां-जहां सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) तैनात हैं, वहां पर स्मार्ट बॉर्डर का निर्माण करेंगे। एक चतुष्कोणीय सुरक्षा रणनीति के तहत, स्थानीय प्रशासन, तकनीक और जवानों के परिश्रम को साथ में लेते हुए सीमाओं को अभेद्य बनाने का लक्ष्य है।
श्री शाह ने कहा कि स्मार्ट बॉर्डर का यह कंसेप्ट अंतिम चरण में है और इसका पायलट प्रोजेक्ट जल्द ही हम लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि हम एक साथ देश की अलग-अलग सीमाओं पर सात या आठ स्थानों पर इस पायलट प्रोजेक्ट को शुरू करेंगे। पायलट प्रोजेक्ट में जो भी शुरूआती समस्याएं आएंगी उन्हें दूर कर पूरी सीमा को स्मार्ट बॉर्डर बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ेंगे।
इस कॉंसेप्ट में डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट, एसपी, गांव के पटवारी और सरपंच की भी भूमिका होगी। जब तक सीमावर्ती क्षेत्रों के स्थानीय प्रशासन को हम इस कॉन्सेप्ट में समाहित नहीं करते, तब तक हम सीमा को अभेद्य नहीं बना सकते। अगर हम आइसोलेशन में सीमा की सुरक्षा की कल्पना करते हैं वो कभी सफल नहीं हो सकती। श्री अमित शाह ने कहा कि त्रिपुरा फ्रंटियर हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो देश की सीमा की सुरक्षा करता है।
उन्होंने कहा कि सीमा पर बाड़ के आधुनिकीकरण के लिए 15 वर्ष से पुरानी लगभग 650 किलोमीटर की बाड़ में से 119 किलोमीटर नई बाड़ को भी हमने मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि जवानों की सुविधाओं के लिए सीमा चौकियों की बिजली आपूर्ति, ग्रीन एनर्जी इनिशिएटिव, जवानों के लिए सुरक्षित पेयजल आदि प्रोजेक्ट न केवल शुरू किए गए बल्कि हमने उन्हें पूरा भी कर दिया है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि त्रिपुरा तीन ओर से सीमाओं से घिरा हुआ संवेदनशील राज्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने हम सबके सामने एक लक्ष्य रखा है कि 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित बनाना है। 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित बनाने के लिए भारत को सबसे पहले सुरक्षित बनाना होगा। हमें देश को स्मगलिंग, मानव तस्करी, देश के युवाओं को नशे, से सुरक्षित करना होगा।
हर चीज के लिए सुरक्षा का उपाय हो, ऐसा स्मार्ट सुरक्षा ग्रिड बनाने का काम भारत सरकार ने हाथ में लिया है। श्री शाह ने कहा कि बाड़ की सुरक्षा के पूरे कंसेप्ट और हमारी कार्य संस्कृति को बदलने की अब जरूरत है। हमारे समाज को प्रभावित करने वाले हर दूषण से देश और सीमाओं की रक्षा करना हमारा दायित्व होगा। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा की स्मार्ट फेंसिंग और चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड के कंसेप्ट को आने वाले दिनों में सीमा की सुरक्षा करने वाले हर केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल की कार्य संस्कृति बनाने की शुरुआत की गई है।
वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत आज केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs), असम राइफल्स, राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (NSG), दिल्ली पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और अंतर-राज्यीय परिषद सचिवालय (ISCS) सहित गृह मंत्रालय के सभी कार्यालयों ने देशभर में 5 लाख से अधिक पौधे लगाए।