निशांत कुमार यादव ने निजी स्कूलों को छात्र सुरक्षा, STRAPS नीति एवं पार्किंग मानकों के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए
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चंडीगढ़ 02-Jun-2026
उपायुक्त (DC) चंडीगढ़ श्री निशांत कुमार यादव ने आज शहर के निजी स्कूल प्रबंधन के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में छात्र सुरक्षा, स्कूल परिवहन प्रबंधन, पार्किंग स्थलों के उपयोग, स्वीकृत भवन योजनाओं के अनुपालन तथा STRAPS (सेफ ट्रांसपोर्टेशन पॉलिसी फॉर स्टूडेंट्स) नीति के क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिए गए कि छात्रों के चढ़ने और उतरने की प्रक्रिया स्कूल परिसर के भीतर ही सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित की जाए। साथ ही किसी भी अप्रिय घटना से बचाव हेतु प्रशिक्षित स्टाफ की समुचित निगरानी भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
DC ने कई स्कूलों में निर्धारित पार्किंग स्थलों के दुरुपयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त की। यह पाया गया कि स्वीकृत भवन योजनाओं में चिन्हित पार्किंग स्थलों का उपयोग लॉन, खेल मैदान, स्विमिंग पूल, गार्ड रूम तथा शेड आदि अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है।
स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि स्वीकृत पार्किंग स्थलों का उपयोग केवल स्कूल बसों एवं वाहनों की पार्किंग के लिए ही किया जाए तथा किसी अन्य उद्देश्य के लिए उनका उपयोग न किया जाए। स्वीकृत भवन योजनाओं के अनुपालन को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए।
उपायुक्त ने आगाह किया कि किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण, स्वीकृत नक्शे से विचलन अथवा निर्धारित लेआउट का दुरुपयोग गंभीर उल्लंघन माना जाएगा तथा संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त सभी निजी स्कूलों को बिना किसी विलंब के STRAPS नीति को पूर्ण रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए।
यह नीति विद्यार्थियों के सुरक्षित परिवहन हेतु व्यापक दिशा-निर्देश प्रदान करती है तथा इसका अनुपालन सभी स्कूलों के लिए अनिवार्य किया गया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि छात्र सुरक्षा, पार्किंग मानकों अथवा भवन योजना अनुपालन से संबंधित किसी भी प्रकार के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्कूलों को बैठक में जारी निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने तथा यदि कोई उल्लंघन है तो ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान उन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन, चंडीगढ़ द्वारा स्कूल खुलने के बाद नियमित निरीक्षण किए जाएंगे तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर बिना किसी अतिरिक्त सूचना के सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।