5 Dariya News

देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज, राष्ट्र व संस्कृति के लिए किया समर्पित : हरविंदर कल्याण

महान विभूतियों के संस्कार और सेवा भाव को आत्मसात करे युवा पीढ़ी - हरविंदर कल्याण

5 Dariya News

करनाल 31-May-2026

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण ने आज देवी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती के अवसर जिला करनाल के गांव सदरपुर, रसूलपुर कलां और घरौंडा में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने देवी अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

अहिल्याबाई होलकर - संघर्ष और सशक्तिकरण की मिसाल

श्री हरविंदर कल्याण ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज, राष्ट्र व संस्कृति के लिए समर्पित किया। उन्होंने बेहद कठिन समय में, जब देश बाहरी आक्रमणों और कुरीतियों से जूझ रहा था, समाज और संस्कृति को बचाने का बीड़ा उठाया। 

उन्होंने सती प्रथा जैसी कुरीतियों को त्यागकर शिक्षा और शासन की जिम्मेदारी संभाली और सोमनाथ मंदिर जैसी सांस्कृतिक विरासत का पुनरुद्धार कर राष्ट्र की संस्कृति को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि भारत सोने की चिडिय़ा थी। पहले मुगलों और अंग्रेजों ने भारत को खूब लूटा व इतिहास से महापुरूषों का नाम हटाकर संस्कृति को खत्म करने का काम किया।

महापुरुष किसी एक जाति के नहीं, पूरे समाज के होते हैं

श्री हरविंदर कल्याण ने कहा कि वर्तमान सरकार ने सभी महापुरुषों की जयंतियां सरकारी स्तर पर मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज को जातियों के बंधन से ऊपर उठाकर एक सूत्र में पिरोना है। उन्होंने कहा कि महापुरुष किसी एक विशेष वर्ग या जाति के नहीं होते, बल्कि उनके विचार पूरी मानवता की धरोहर होते हैं। जब 36 बिरादरी मिलकर ऐसे कार्यक्रम मनाती है तो समाज की एकता और अधिक मजबूत होती है।

युवाओं को सेवा भाव और मेहनत का दिया संदेश

विधानसभा अध्यक्ष ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी और बच्चों को महापुरुषों के विचारों से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारी तरक्की केवल खुद तक सीमित नहीं होनी चाहिए। हमें अपने आसपास कमजोर या गरीब को भी देखना चाहिए और उनके हित के कार्य करना चाहिए। 

उन्होंने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे साधारण और गरीब परिवारों से निकलकर इन विभूतियों ने मेहनत और ईमानदारी के बल पर देश के सर्वोच्च पदों को सुशोभित किया।