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डॉ. हिमांशु अग्रवाल द्वारा राजनीतिक पार्टियों से एस.आई.आर. संबंधी अपने बी.एल.ए. नियुक्त करने की अपील

डिप्टी कमिश्नर ने राजनीतिक पार्टियों के साथ बैठक कर एस.आई.आर. संबंधी दी जानकारी

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पटियाला 27-May-2026

भारतीय चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों की करवाई जाने वाली स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एस.आई.आर.) संबंधी आज पटियाला के जिला चुनाव अधिकारी-कम-डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने जिले की सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर एस.आई.आर. संबंधी अपने बूथ लेवल एजेंट (बी.एल.ए.) नियुक्त करने की अपील की। डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि भारतीय चुनाव आयोग का उद्देश्य प्रत्येक योग्य नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना और अयोग्य व्यक्तियों को सूची से बाहर करना है। 

जिला चुनाव अधिकारी ने कहा कि दोहरी वोट रखना भारतीय संविधान के अनुसार अपराध है, जिसके लिए एक वर्ष तक की कैद की सजा का प्रावधान है। उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों से इस उद्देश्य में सहयोग देने की अपील की। इस बैठक के बाद एस.आई.आर. संबंधी पत्रकारों से बातचीत करते हुए डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एस.आई.आर.) के तहत पंजाब राज्य में 25 जून 2026 से 24 जुलाई 2026 तक बी.एल.ओ. घर-घर जाकर वोटरों के फार्म भरवाएंगे। 

इस कार्य के लिए जिले में 1786 बी.एल.ओ., 185 सुपरवाइजर, 8 ई.आर.ओ. और 16 ए.ई.आर.ओ. सहित पूरा चुनाव अमला लगाया गया है। उन्होंने बताया कि एस.आई.आर. संबंधी बी.एल.ओ. को प्रशिक्षण देने तथा अन्य तैयारियों का कार्य 15 जून 2026 से 24 जून 2026 तक किया जाएगा।

जिला चुनाव अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2003 में भी पंजाब में एस.आई.आर. हुई थी। उसी एस.आई.आर. को आधार मानकर वर्तमान एस.आई.आर. की जा रही है और इसी आधार पर पटियाला में 82.82 प्रतिशत मैपिंग पूरी हो चुकी है। जिला चुनाव अधिकारी ने राजनीतिक पार्टियों को एस.आई.आर. संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि वे एस.आई.आर. संबंधी बूथ लेवल एजेंट (बी.एल.ए.) की नियुक्तियां जल्द से जल्द करें ताकि इन बी.एल.ए. को बी.एल.ओ. के साथ समय रहते प्रशिक्षण दिया जा सके। 

उन्होंने कहा कि बी.एल.ए. की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है और एस.आई.आर. के प्रत्येक चरण में बी.एल.ओ. द्वारा बी.एल.ए. के साथ जानकारी साझा की जाएगी ताकि पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने राजनीतिक पार्टियों से बी.एल.ए.-1 की नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी करने को कहा। 

उन्होंने बताया कि आज की तारीख तक केवल आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस पार्टी द्वारा ही जिला स्तर पर प्रतिनिधि नियुक्त किए गए हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि एस.आई.आर. की पूरी प्रक्रिया के दौरान जिला चुनाव अधिकारी कार्यालय राजनीतिक पार्टियों के साथ लगातार संपर्क में रहेगा। 

इस अवसर पर उन्होंने वोट संबंधी अधिकारियों के बारे में भी राजनीतिक पार्टियों को जानकारी दी। बैठक के दौरान राजनीतिक पार्टियों द्वारा एस.आई.आर. संबंधी कुछ शंकाएं व्यक्त की गईं, जिन्हें डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने दूर करते हुए भरोसा दिलाया कि एस.आई.आर. की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से ही पूरी की जाएगी। 

उन्होंने कहा कि वोटरों और राजनीतिक पार्टियों की सुविधा के लिए एस.आई.आर. के दौरान 1950 टोल-फ्री नंबर लगातार कार्य करेगा तथा जिला स्तर पर हेल्प डेस्क भी स्थापित किया जा रहा है, जो लोगों की सहायता करेगा। बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, हिंदुस्तान शक्ति सेना और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के प्रतिनिधि तथा चुनाव तहसीलदार विजय कुमार चौधरी भी उपस्थित थे।

इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने सभी योग्य वोटरों से अपील की कि वे बी.एल.ओ. को आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि जिन वोटरों की मैपिंग वर्ष 2003 की वोटर सूची के साथ नहीं हो पाई है, उन्हें भारतीय चुनाव आयोग द्वारा अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि जिन दस्तावेजों में किसी भी केंद्रीय/राज्य सरकार/पीएसयू के नियमित कर्मचारी/पेंशनर को जारी कोई पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश, भारत में सरकारी/स्थानीय अधिकारियों/बैंकों/डाकघर/एलआईसी/पीएसयू द्वारा जारी कोई पहचान पत्र/प्रमाण पत्र/दस्तावेज, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्डों/विश्वविद्यालयों द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन/शैक्षणिक प्रमाण पत्र, सक्षम राज्य अधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, ओबीसी, एस.सी., एस.टी. अथवा सक्षम राज्य अधिकारी द्वारा जारी कोई जाति प्रमाण पत्र, नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर (जहां भी उपलब्ध हो), परिवार रजिस्टर तथा राज्य/स्थानीय अधिकारियों द्वारा तैयार एवं सरकार द्वारा जारी कोई भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र शामिल हैं।