एच. राजेश प्रसाद ने उद्योग विभाग की वार्षिक प्रगति की समीक्षा की; MSME एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने हेतु समयबद्ध निर्देश जारी किए
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चंडीगढ़ 25-May-2026
यू.टी. चंडीगढ़ के मुख्य सचिव श्री एच. राजेश प्रसाद ने आज वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान उद्योग विभाग की वार्षिक प्रगति एवं कार्य निष्पादन की समीक्षा हेतु एक रणनीतिक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सचिव उद्योग श्री निशांत कुमार यादव, निदेशक उद्योग श्री प्रद्युम्न सिंह तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान विभाग की विभिन्न पहलों एवं उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर अवगत कराया गया कि उद्योग विभाग वर्तमान में चंडीगढ़ में पंजीकृत 65,000 से अधिक उद्यम (Udyam) MSMEs को विभिन्न नीतिगत हस्तक्षेपों एवं सुविधा उपायों के माध्यम से सहयोग प्रदान कर रहा है, ताकि केंद्र शासित प्रदेश में औद्योगिक एवं उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
आर्थिक विकास में तेजी लाने तथा ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्य सचिव ने विभाग को कई सख्त एवं समयबद्ध निर्देश जारी किए। उन्होंने चंडीगढ़ स्टार्टअप पॉलिसी, 2025 के तत्काल एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए अगले तीन महीनों में 150 स्टार्टअप्स को मान्यता देने का लक्ष्य निर्धारित किया।
इसके साथ ही उन्होंने इनक्यूबेटर्स के शीघ्र पैनल गठन तथा स्टार्टअप अनुदान वितरण प्रणाली को जल्द क्रियाशील बनाने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने चंडीगढ़ में उद्योग एवं व्यवसाय स्थापित करने और संचालन प्रारंभ करने में लगने वाले समय (Turn Around Time - TAT) को कम करने पर भी विशेष जोर दिया।
इस संदर्भ में उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा जारी किए जाने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOCs) एवं नियामकीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल एवं सुव्यवस्थित करने तथा एक केंद्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि स्वीकृतियों की प्रक्रिया तेज हो सके और व्यापारिक दक्षता में सुधार आए।
सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद (MSEFC) के अंतर्गत लंबित भुगतान विवादों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण एवं MSMEs की शिकायतों के समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान अब तक 105 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है।
मुख्य सचिव ने विभाग को यह भी निर्देशित किया कि Raising and Accelerating MSME Performance (RAMP) कार्यक्रम के अंतर्गत ब्याज सबवेंशन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए, ताकि जमीनी स्तर पर MSMEs को व्यावहारिक वित्तीय राहत एवं सहयोग मिल सके और उनके दैनिक व्यावसायिक संचालन को मजबूती प्राप्त हो।
उद्योग विभाग ने बैठक में अवगत कराया कि जारी निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि यू.टी. चंडीगढ़ के व्यवसायिक, औद्योगिक एवं उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।