5 Dariya News

बलबीर सिद्धू द्वारा भगवंत मान सरकार के कर्मचारी विरोधी रवैये की कड़ी निंदा

कहा, कर्मचारियों में फैली निराशा राज्य के विकास पर डालेगी बुरा असर

5 Dariya News

एस.ए.एस. नगर 21-May-2026

सीनियर कांग्रेसी नेता एवं पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री श्री बलबीर सिंह सिद्धू ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा पिछले चार वर्षों से अपनाए जा रहे कर्मचारी विरोधी रवैये की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि सरकार की अन्यायपूर्ण नीतियों के कारण कर्मचारियों में भारी निराशा फैल चुकी है, जिसका राज्य के विकास और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

श्री सिद्धू ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को छठे वेतन आयोग के बकाये, महंगाई भत्ते की लंबित किस्तों तथा मेडिकल बिलों के भुगतान जैसी जायज़ मांगों के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेशों को लागू करने की बजाय सरकार द्वारा रिव्यू पिटीशन दायर कर कर्मचारियों के साथ टकराव का रास्ता अपनाया जा रहा है।

कांग्रेसी नेता ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनावों के दौरान कर्मचारियों से पुरानी पेंशन योजना लागू करने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद न तो पुरानी पेंशन योजना लागू की गई और न ही महंगाई भत्ते की लंबित किस्तें जारी की गईं। उन्होंने बताया कि इस समय पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र और हरियाणा के कर्मचारियों की तुलना में लगभग 18 प्रतिशत कम महंगाई भत्ता मिल रहा है। 

इसके अलावा छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद बनने वाले बकाये भी अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। श्री सिद्धू ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा महंगाई भत्ते की लंबित किस्तों और छठे वेतन आयोग के बकाये पर 6 प्रतिशत ब्याज सहित राशि देने के आदेशों के बावजूद सरकार द्वारा पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन के माध्यम से तर्कहीन याचिकाएं दायर करवाई गईं। 

उन्होंने कहा कि मार्कफेड द्वारा भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मेडिकल भत्ता और इलाज का खर्च न देने जैसे अमानवीय फैसले किए गए, जिन्हें रद्द करवाने के लिए कर्मचारियों को अदालत का सहारा लेना पड़ा। पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री सिद्धू ने कहा कि किसी भी सरकार के प्रशासनिक ढांचे में कर्मचारियों की अहम भूमिका होती है। 

उन्होंने कहा, “पंजाब के कर्मचारी राज्य की रीढ़ की हड्डी हैं। चाहे स्वास्थ्य विभाग हो, शिक्षा विभाग हो या कोई अन्य प्रशासनिक इकाई, इन कर्मचारियों की दिन-रात की मेहनत से ही राज्य चलता है। लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार उनके अधिकार समय पर न देकर उन्हें सड़कों पर आने के लिए मजबूर कर रही है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है।”

उन्होंने कहा कि रोज़ाना खजाना भरा होने के दावे करने वाली भगवंत मान सरकार द्वारा वित्तीय संकट का हवाला देकर कर्मचारियों के अधिकारों को दबाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना और लापरवाही भरा रवैया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के वित्तीय संकट के लिए आम आदमी पार्टी सरकार में फैला भ्रष्टाचार, फिजूलखर्ची और दोषपूर्ण वित्तीय नीतियां जिम्मेदार हैं, न कि कर्मचारी।

श्री सिद्धू ने कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि लगभग 35 हजार कर्मचारी और पेंशनर अपने हकों की किस्तों का इंतजार करते-करते इस दुनिया से चले गए, जो सरकार की नाकामी का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और वे स्वयं हमेशा कर्मचारियों के हकों के लिए खड़े रहे हैं और भविष्य में भी उनकी हर जायज़ लड़ाई में साथ खड़े रहेंगे।

इस अवसर पर मार्केट कमेटी खरड़ के पूर्व चेयरमैन एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्री हरकेश चंद शर्मा मच्छली कलां और पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर अमरीक सिंह सोमल भी उपस्थित थे।