पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय की फूड टेस्टिंग लैब को मिली एनएबीएल की मान्यता
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बठिंडा 19-May-2026
पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में विश्वविद्यालय की खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (एफटीएल) को राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से खाद्य एवं कृषि उत्पादों तथा जल परीक्षण के लिए रासायनिक परीक्षण श्रेणी में मान्यता प्राप्त हुई है। यह मान्यता 14 मई 2026 से 13 मई 2030 तक चार वर्षों के लिए वैध रहेगी।
यह एनएबीएल मान्यता विभिन्न खाद्य एवं कृषि उत्पादों जैसे अनाज एवं आटा, दुग्ध वसा, वनस्पति तेल, शहद तथा इससे संबंधित उत्पादों जैसे मधुमोम और रॉयल जेली के परीक्षण के लिए प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त प्रयोगशाला को निर्माण कार्य में उपयोग होने वाले जल, पेयजल, भूजल, सिंचाई जल, पैकेज्ड पेयजल, सतही जल, स्विमिंग पूल जल तथा जल शोधक (प्यूरीफायर) के जल के रासायनिक परीक्षण के लिए भी मान्यता प्राप्त हुई है।
प्रयोगशाला को खाद्य एवं जल नमूनों में खनिज तथा सूक्ष्म धातु तत्वों के विश्लेषण हेतु भी मान्यता प्रदान की गई है। खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में परीक्षण सेवाएं भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई), भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), एओएसी तथा एपीएचए जैसी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानक पद्धतियों के अनुरूप संचालित की जाती हैं।
इससे क्षेत्रीय उद्योगों को वैश्विक मानकों के अनुरूप परीक्षण सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह प्रयोगशाला खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के अंतर्गत 5.05 करोड़ रुपये की सहायता राशि से स्थापित की गई थी।
प्रयोगशाला में गैस क्रोमैटोग्राफी-टैंडम मास स्पेक्ट्रोमीटर, स्वचालित टीकेएन विश्लेषक, ग्लूटेन विश्लेषक, माइक्रोवेव डाइजेशन प्रणाली तथा एटॉमिक एब्जॉर्प्शन स्पेक्ट्रोमीटर जैसे अत्याधुनिक उपकरण स्थापित हैं। कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी ने खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की टीम को बधाई देते हुए कहा कि एनएबीएल मान्यता विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि इससे खाद्य एवं कृषि उत्पादों से जुड़े किसानों, उद्यमियों और उद्योगों को अपने उत्पादों की विश्वसनीय गुणवत्ता जांच की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रयोगशाला खाद्य उत्पादों और जल गुणवत्ता की सटीक जांच सुविधा प्रदान करेगी, जिससे गुणवत्ता मानकों और उपभोक्ता सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने इस उपलब्धि में योगदान देने वाले शिक्षकों, वैज्ञानिकों और तकनीकी कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। प्रो. रामकृष्ण वूसीरिका, निदेशक, खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, सीयू पंजाब ने इस उपलब्धि का श्रेय कुलपति प्रो. तिवारी के निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन तथा डॉ. अनिल कुमार (गुणवत्ता प्रबंधक), डॉ. नागेंद्र बाबू (तकनीकी प्रबंधक), प्रो. राज कुमार, डॉ. रबीन्द्र, डॉ. सुमीर रज़दान तथा एफटीएल एवं सीआईएल के संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों को दिया।
उन्होंने कहा कि सीयू पंजाब की खाद्य परीक्षण सुविधा अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है, जो सटीक एवं विश्वसनीय परिणाम प्रदान करने में सक्षम हैं। खाद्य एवं कृषि उत्पादों की जांच करवाने के इच्छुक व्यक्ति अधिक जानकारी के लिए पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।