5 Dariya News

युवा पीढ़ी को अपने महान इतिहास से जोड़ने की बहुत आवश्यकता : गुलाब चंद कटारिया

राज्यपाल कटारिया ने दिल्ली फतेह दिवस को समर्पित महाराजा जस्सा सिंह रामगढ़िया जन्म शताब्दी समारोह में की शिरकत

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नाभा 17-May-2026

पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि महाराजा जस्सा सिंह रामगढ़िया का इतिहास वीरता, ईमानदारी और कौमी सेवा से भरपूर है। राज्यपाल कटारिया आज विश्वकर्मा वेलफेयर सोसायटी, नाभा द्वारा दिल्ली फतेह दिवस को समर्पित महाराजा जस्सा सिंह रामगढ़िया के जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर उनके 303वें जन्मदिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नाभा पहुंचे थे।

इस अवसर पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपने महान इतिहास से जोड़ने की बहुत आवश्यकता है ताकि वे अपने विरसे और महान शख्सियतों से प्रेरणा ले सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी में अच्छे संस्कार पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समारोह की शुरुआत महाराजा सरदार जस्सा सिंह रामगढ़िया के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। संत नरेंद्र सिंह जी अलहौरां वालों ने बेअदबी विरोधी कानून पर राज्यपाल द्वारा हस्ताक्षर करने पर उनका विशेष सम्मान किया।इस मौके पर भगवंत सिंह रामगढ़िया ने महाराजा जस्सा सिंह रामगढ़िया के इतिहास के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि वे केवल एक महान योद्धा ही नहीं बल्कि कौम के मान और शान के प्रतीक थे। 

उन्होंने अपने जीवनकाल में पंजाब और सिख इतिहास में विलक्षण योगदान दिया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम अपने बच्चों को अपने इतिहास से अवगत करवाएं। अवतार सिंह नन्नड़े ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में “रामगढ़िया चेयर” स्थापित होनी चाहिए ताकि विद्यार्थियों और आने वाली पीढ़ियों को रामगढ़िया इतिहास, संस्कृति और योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी मिल सके।

उन्होंने कहा कि इतिहास को संभालना और उसकी सही जानकारी नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की मुख्य आवश्यकता है। विश्वकर्मा वेलफेयर सोसायटी रजि. नाभा के पदाधिकारियों ने मेहमानों का धन्यवाद किया और सामाजिक एकता एवं भाईचारे का संदेश दिया।

इस अवसर पर नाभा के विधायक गुरदेव सिंह देव मान, प्रबंधक चरण सिंह, मलकीत कंबाइन, हरि सिंह, अवतार सिंह नन्नड़े, मोहन सिंह मालेरकोटला, प्रेम सिंह, गुरचरण सिंह, परमजीत कैंथ, हरमिंदर सिंह नीटा सहित बड़ी संख्या में सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक हस्तियां तथा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।