5 Dariya News

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से खेती के विकास पर एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित

कृत्रिम बुद्धिमत्ता इंसानों की सहायता के लिए है, इंसान इसके गुलाम न बनें : कुलपति प्रो. करमजीत सिंह

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अमृतसर 13-May-2026

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से खेती के विकास पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए में कुलपति प्रो. करमजीत सिंह ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता इंसानों की मदद के लिए बनाई गई है, न कि इंसान इसके गुलाम बन जाएं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के “सरबत दा भला” के संदेश को ध्यान में रखते हुए तकनीक का उपयोग मानव कल्याण और समाज की भलाई के लिए किया जाना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से खेती के क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है। वह संगोष्ठी में खेती को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से अधिक मजबूत और टिकाऊ बनाने पर विचार-विमर्श किया गया।

प्रो. करमजीत सिंह ने कहा कि आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता खेती के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे किसानों को फसलों की देखभाल, मिट्टी की जांच, पानी की बचत और उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने नई दिल्ली तथा पोलैंड के विश्वविद्यालयों के साथ चल रहे शैक्षणिक सहयोग की भी सराहना की।

पोलैंड से पहुंचे विद्वान प्रो. डारियूश ने कहा कि खेती और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का मेल भविष्य के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। उन्होंने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के साथ चल रहे शैक्षणिक सहयोग की प्रशंसा की। इस अवसर पर प्रो. डारियूश ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और शोध के अवसरों की जानकारी दी।

मुख्य वक्ता प्रो॰ गगनदीप शर्मा ने कहा कि पंजाब के युवाओं में नई सोच और तकनीक के माध्यम से खेती को मजबूत बनाने की पूरी क्षमता है।संगोष्ठी के दौरान खेती में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग, फसलों की निगरानी, पानी संरक्षण और टिकाऊ खेती से जुड़े कई विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में अध्यापकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।