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चंडीगढ़ गृह सचिव ने नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा की, साइबर अपराध और ट्रैफिक प्रबंधन पर दिया जोर

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चंडीगढ़ 07-May-2026

आज चंडीगढ़ प्रशासन के गृह सचिव श्री मंदीप सिंह बराड़, आईएएस की अध्यक्षता में चंडीगढ़ पुलिस एवं चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आईजीपी/यूटी श्री पुष्पेंद्र कुमार, एसएसपी/सिक्योरिटी एवं ट्रैफिक श्री सुमेर प्रताप सिंह, एसएसपी/यूटी सुश्री कंवरदीप कौर, एसपी/मुख्यालय एवं क्राइम श्री मनजीत श्योराण, एसपी/साइबर एवं ऑपरेशंस सुश्री गीतांजलि खंडेलवाल, एलआर-कम-डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन श्री सूर्य चंदर कांत, मुख्य अभियंता श्री सी.बी. ओझा, मुख्य वास्तुकार श्री राजीव मेहता तथा चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान यूटी चंडीगढ़ में तीनों नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की स्थिति की व्यापक समीक्षा की गई। नए पुलिस स्टेशनों के निर्माण से संबंधित प्रगति एवं चल रही आधारभूत संरचना परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। चंडीगढ़ पुलिस में मानव संसाधन सृजन से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई।

गृह सचिव ने निर्देश दिए कि विशेष रूप से जघन्य अपराधों, एनडीपीएस मामलों तथा साइबर अपराधों में दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए केंद्रित प्रयास किए जाएं। आधुनिक फॉरेंसिक एवं वैज्ञानिक उपकरणों को अपनाते हुए पेशेवर, साक्ष्य-आधारित एवं समयबद्ध जांच पर जोर दिया गया।

जांच अधिकारियों के लिए अपराध स्थल प्रबंधन, साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण एवं कानूनी प्रक्रियाओं से संबंधित क्षमता निर्माण कार्यक्रमों तथा विशेष प्रशिक्षण पर भी बल दिया गया। गृह सचिव ने वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण एवं डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन के लिए ई-साक्ष्य के प्रभावी उपयोग के निर्देश भी दिए।

साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। गृह सचिव ने निर्देश दिए कि व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएं तथा मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs) लागू की जाएं। साथ ही उभरते साइबर खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु संस्थागत क्षमता एवं विशेष कौशल को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।

यातायात प्रबंधन उपायों की समीक्षा करते हुए गृह सचिव ने निर्देश दिए कि ट्रैफिक सिग्नल प्रबंधन प्रणाली को यातायात की मात्रा के अनुरूप अधिक गतिशील बनाया जाए, ताकि यातायात सुचारु हो तथा जाम की स्थिति में कमी लाई जा सके। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस द्वारा हाल ही में लागू किए गए बॉडी-वॉर्न कैमरों की भी समीक्षा की तथा पारदर्शिता, जवाबदेही एवं बेहतर प्रवर्तन सुनिश्चित करने हेतु उनके प्रभावी उपयोग पर जोर दिया।