5 Dariya News

सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने भविष्य के युद्ध पर बीसीआई कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया

5 Dariya News

नई दिल्ली 05-May-2026

प्रधान सेना अध्‍यक्ष-चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जनरल अनिल चौहान ने आज नई दिल्ली में एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय और संयुक्त युद्ध अध्ययन केंद्र (सेंटर फॉर ज्वाइंट वॉरफेयर स्टडीज़) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस: संज्ञानात्मक क्षमताओं का विस्तार और इसके रणनीतिक निहितार्थ विषय पर एक सम्मेलन का उद्घाटन किया।

चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ से लेकर चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीओएससी) एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित द्वारा परिकल्पित इस सम्मेलन में वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व, नीति निर्माता, वैज्ञानिक, चिकित्सा विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि, स्टार्टअप्स और शिक्षाविद ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस के उभरते क्षेत्र और इसके रणनीतिक महत्व पर विचार-विमर्श के लिए एकत्रित हुए।

संयुक्त युद्ध अध्ययन केंद्र के महानिदेशक, मेजर जनरल (डॉ.) अशोक कुमार (सेवानिवृत्त) ने अपने स्वागत संबोधन में तंत्रिका प्रौद्योगिकियों की परिवर्तनकारी क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस एक ऐसी प्रक्रिया है जहां मानव मस्तिष्क से तंत्रिका संकेत सार्थक कार्यों और परिवर्तनकारी परिणामों में बदल सकते हैं।

सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक, वाइस एडमिरल आरती सारीन ने उद्घाटन संबोधन में मानव अनुभूति और कम्प्यूटेशनल प्रणालियों के बीच बढ़ते अभिसरण पर जोर दिया। उन्‍होंने कहा कि अनुभूति और गणना के बीच पारंपरिक अंतर तेजी से विलीन हो रहा है जिन्हें कभी काल्पनिक माना जाता था। 

आईआईटी दिल्ली के इलेक्ट्रिकल और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. टी.के. गांधी ने ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस को वैचारिक अवधारणा से लेकर अब व्यावहारिक वैज्ञानिक वास्तविकता के रूप में तेजी से विकसित होने की चर्चा करते हुए कहा कि ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस के अनुप्रयोग लोगों के कल्याण और युद्ध क्षेत्र दोनों में विस्तारित हो रहे हैं।

सम्मेलन में ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस की वर्तमान स्थिति, इसके चिकित्सा एवं तकनीकी आयामों और रक्षा क्षेत्र में इसके रणनीतिक अनुप्रयोगों पर केंद्रित कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (मेडिकल) उप प्रमुख एयर मार्शल एस शंकर ने ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस प्रौद्योगिकियों की मौजूदा और भविष्य की स्थिति का व्यापक अवलोकन प्रस्तुत किया।

आईआईटी दिल्ली, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहंस), प्रगत संगणन विकास केन्द्र (सी-डीएसी) और प्रमुख स्टार्टअप कंपनियों के विशेषज्ञों ने वर्तमान में जारी अनुसंधान, स्वदेशी नवाचार और ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस प्रौद्योगिकियों के एकीकरण के भविष्य पर चर्चा की।

सम्मेलन में ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस के नैतिक पहलुओं, मानव-मशीन एकीकरण, तंत्रिका सुरक्षा चुनौतियों और परिचालन दक्षता बढ़ाने में इसकी भूमिका तथा पुनर्वास और जटिल संचालन परिस्थितियों में निर्णय लेने में इसकी भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया। रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने एक पैनल परिचर्चा में ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस के सैन्य अनुप्रयोगों, विशेष रूप से संज्ञानात्मक क्षमता बढ़ाने, मानव प्रदर्शन में सुधार और कमान एवं नियंत्रण प्रणालियों को सुदृढ़ बनाने में इसके उपयोग पर चर्चा की। 

इस आयोजन में दस स्टार्टअप कंपनियों ने भी भाग लिया, जिन्होंने ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस सिस्टम से संबंधित नवीन उपकरण, उत्पाद और प्रौद्योगिकी प्रदर्शित की। आयोजन राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यापक सामाजिक लाभ के लिए ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस प्रौद्योगिकियों की पूरी क्षमता के उपयोग हेतु सशस्त्र बलों, शिक्षाविदों, उद्योग और अनुसंधान संगठनों के बीच निरंतर सहयोग के सामूहिक आह्वान के साथ सम्पन्न हुआ।