5 Dariya News

पेक में “लक्ष्य” और “प्राण” का आयोजन, डिफेंस एवं सिविल सेवाओं के अभ्यर्थियों को मिला मार्गदर्शन

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चंडीगढ़ 21-Apr-2026

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ के करियर डेवलपमेंट एंड गाइडेंस सेंटर (सीडीजीसी) द्वारा 21 अप्रैल, 2026 को “लक्ष्य” (एसएसबी अभ्यर्थियों के लिए विशेष कार्यक्रम) तथा “प्राण” (यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए एक प्रमुख पहल) का सफल आयोजन किया गया। इन दोनों पहलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय सशस्त्र बलों एवं सिविल सेवाओं में करियर बनाने हेतु उचित दिशा, मार्गदर्शन एवं प्रेरणा प्रदान करना था।

यह कार्यक्रम छात्रों के लिए एक सशक्त मंच साबित हुआ, जहां उन्हें अनुभवी विशेषज्ञों एवं पेशेवरों से महत्वपूर्ण जानकारी एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। “लक्ष्य” के अंतर्गत एसएसबी चयन प्रक्रिया की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया गया, वहीं “प्राण” के माध्यम से आईएएस एवं अन्य सिविल सेवाओं की तैयारी से संबंधित रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर कर्नल अशोकन (सीनियर ग्रुप टेस्टिंग ऑफिसर, एसएसबी एवं संस्थापक, ऑलिव ग्रीन इंस्टीट्यूट), श्री निखिल अरोड़ा (पेक पूर्व छात्र, 2017, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग एवं फर्मवेयर इंजीनियर, प्योर स्टोरेज), प्रो. जे.डी. शर्मा (हेड, सीडीजीसी), डॉ. तेजिंदर सिंह सग्गू, डॉ. जसकिरत कौर एवं डॉ. अंकित यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन से किया गया।

प्रो. जे.डी. शर्मा ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को सूचित निर्णय लेने तथा अपने करियर लक्ष्यों के अनुरूप दिशा तय करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए परिपक्व सोच और स्पष्ट दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है।

श्री निखिल अरोड़ा ने पेक से अपने पेशेवर सफर को साझा करते हुए निर्णय लेने की प्रक्रिया में स्पष्टता और लचीलापन बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला। कर्नल अशोकन ने अपने प्रेरणादायक वक्तव्य में कहा कि सेना केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है। 

उन्होंने अफसर जैसी खूबियों, समूह व्यवहार, संचार कौशल एवं वास्तविक समय में समस्या समाधान की अहमियत पर विस्तार से चर्चा की। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने 800 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है तथा अभ्यर्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्र सेवा की भावना विकसित करने पर जोर दिया।

इसके अतिरिक्त, स्टडी आईएएस (आईएएस टुडे, चंडीगढ़) से डॉ. के.वी.एस. खेड़ा एवं श्रीमती तनु खेड़ा ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी, रणनीतियों एवं आवश्यक समर्पण पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। डिफेंस एकेडमी, चंडीगढ़ से जुड़े मनोवैज्ञानिक श्री मनोज कौशिक, जो डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ साइकोलॉजिकल रिसर्च से भी संबद्ध हैं, ने SSB में मनोवैज्ञानिक परीक्षणों की भूमिका और मानसिक दृढ़ता के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से अपने प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। “लक्ष्य” और “प्राण” के माध्यम से सीडीजीसी ने एक बार फिर विद्यार्थियों को राष्ट्र सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट करियर हेतु मार्गदर्शन देने की अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।