नशों के खात्मे और खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए भगवंत मान सरकार ने खेलों हेतु 1793 करोड़ रुपये का बजट रखा : हरपाल सिंह चीमा
वित्त मंत्री ने महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के संस्था प्रवेश समारोह में शिरकत की
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पटियाला 20-Apr-2026
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में नशों के खात्मे तथा खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए 1793 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। वह यहां महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के सिद्धूवाल स्थित नए परिसर में संस्था प्रवेश के उपलक्ष्य में आयोजित श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ के भोग समारोह में शामिल होने पहुंचे थे।
इस अवसर पर वाइस चांसलर डॉ. पुष्पिंदर सिंह गिल ने वित्त मंत्री सहित उपस्थित संगत का धन्यवाद किया और हरपाल सिंह चीमा को सिरोपा भेंट किया। वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि पंजाब की युवाशक्ति को संभालने के लिए भगवंत मान सरकार ने जहां नशों के खिलाफ युद्ध छेड़ा है, वहीं खेलों को भी प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने चार वर्षों में 66 हजार सरकारी नौकरियां देकर राज्य के युवाओं के ब्रेन-ड्रेन को रोकने में सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि पंजाब में पासपोर्ट बनवाने की प्रवृत्ति में कमी आई है और युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ने के कारण वे विदेश जाने से परहेज कर रहे हैं, जिससे राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में दाखिलों की संख्या भी बढ़ी है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछली किसी भी सरकार ने 150 करोड़ रुपये से अधिक का खेल बजट नहीं रखा था, जिसके कारण पंजाब खेलों में पिछड़ रहा था और बुनियादी ढांचे की कमी के चलते युवा नशों की ओर आकर्षित हो रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने गांव-गांव में खेल मैदान और आधुनिक स्टेडियम बनाने के लिए लगातार अधिक बजट आवंटित किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
हरपाल सिंह चीमा, जिनके पास कर एवं आबकारी तथा परिवहन विभाग भी हैं, ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हाल ही में पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के अकादमिक ब्लॉक और लड़कों व लड़कियों के छात्रावासों के लिए 53 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नई इमारतों का उद्घाटन किया है और शेष परिसर के निर्माण के लिए भी जल्द ही धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि पंजाब का कर्ज बढ़ा नहीं है, बल्कि डेब्ट-टू-जीडीपी अनुपात के अनुसार 3 प्रतिशत तक कमी लाने में सरकार सफल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ईमानदारी और पारदर्शिता के कारण जीएसटी आय में 100 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है और यह 60 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1 लाख 30 हजार करोड़ रुपये हो गई है।
इसी प्रकार स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन से आय 12 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 30 हजार करोड़ रुपये हो गई है, जबकि आबकारी विभाग की आय 6551 करोड़ रुपये से बढ़कर 12800 करोड़ रुपये वार्षिक हो गई है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के चलते पंजाब “रंगला पंजाब” बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. पुष्पिंदर सिंह गिल ने विश्वास दिलाया कि उनकी यूनिवर्सिटी पंजाब सरकार की मंशा के अनुरूप राज्य के युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने और नशों के खात्मे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. जगदीप सिंह, पंजाब एग्रो के चेयरमैन बलजिंदर सिंह ढिल्लों, जिला योजना समिति के चेयरमैन तेजिंदर मेहता, इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन हरपाल सिंह विर्क, अमरीक सिंह बंगड़, अमित डाबी, कर्नल जे.वी., जसवीर सिंह गांधी, रजिस्ट्रार कर्नल परपिंदर सिंह सिद्धू, पूर्व डीआईजी मंदीप सिंह सिद्धू, एडवोकेट स्वर्ण सिंह, कमलजीत सिंह ढींढसा, गांव सिद्धूवाल की ग्राम पंचायत तथा अन्य ग्रामीणों सहित यूनिवर्सिटी के फैकल्टी सदस्य और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।