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पंजाब के लोग अपने मानवाधिकारों के प्रति जागरूक हुए, 30-35 से बढ़कर 400 से अधिक शिकायतें रोज आने लगीं : जतिंदर सिंह शंटी

कहा, सभी जिलों में कोर ग्रुप स्थापित करने वाला पंजाब का आयोग देश में अग्रणी

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पटियाला 19-Apr-2026

पंजाब राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के मानवाधिकार आयोग (पी.एस.एच.आर.सी.) के सदस्य पद्म श्री जतिंदर सिंह शंटी ने कहा कि पंजाब के लोग अब अपने मानवाधिकारों के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं। वे आज मानवाधिकार सुरक्षा वेलफेयर सोसायटी द्वारा सरकारी बिक्रम कॉलेज, पटियाला में आयोजित मानवाधिकार जागरूकता सेमिनार तथा लोगों की शिकायतों के निवारण हेतु लगाए गए खुली सुनवाई कैंप में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर जतिंदर सिंह शंटी ने बताया कि उन्होंने पिछले चार महीनों के दौरान पंजाब के सभी जिलों का दौरा कर शिकायतों की प्रकृति का अध्ययन किया है और प्रत्येक जिले में मानवाधिकार आयुक्त के कोर ग्रुप स्थापित कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब का मानवाधिकार आयोग ऐसे कोर ग्रुप बनाने वाला देश का पहला आयोग बन गया है।

उन्होंने बताया कि लोगों की जागरूकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पहले आयोग को प्रतिदिन केवल 30-35 शिकायतें मिलती थीं, लेकिन जब से आयोग ने मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराने के लिए व्हाट्सऐप नंबर 9855475547 जारी किया है, तब से अब 300 से 400 शिकायतें प्रतिदिन प्राप्त हो रही हैं।

आयोग के सदस्य जतिंदर सिंह शंटी ने डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल की ओर से ए.डी.सी. (ज) सिमरप्रीत कौर और एस.पी. स्वर्णजीत कौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा पटियाला की सामाजिक संस्थाओं (एनजीओ) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने पीड़ितों की शिकायतें भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

इस मौके पर उन्होंने घोषणा की कि आयोग पंजाब में नशों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू करेगा और शीघ्र ही एक व्हाट्सऐप नंबर भी जारी किया जाएगा, जिस पर नशा तस्करों और नशे से संबंधित जानकारी दी जा सकेगी। इसमें आयोग के कोर ग्रुप के सदस्य भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। मीडिया से बातचीत करते हुए पद्म श्री जतिंदर सिंह शंटी ने बताया कि पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार कोई भी सरकारी या निजी अस्पताल बिल का भुगतान न होने पर किसी मरीज या मृतक के शव को रोक नहीं सकेगा।

इसके अलावा प्रत्येक अस्पताल में अनिवार्य रूप से उचित मॉर्चरी सुविधा तथा एंबुलेंस सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि लावारिस या आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के अंतिम संस्कार/दफन के लिए सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। शंटी ने कहा कि गांवों में शव रखने के लिए मॉर्चरी बॉक्स उपलब्ध कराने, सफाई कर्मियों को सुरक्षा उपकरण, जूते, दस्ताने, सैनिटाइज़र और बीमा सुविधा प्रदान करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त 112 पर कॉल करने पर गंभीर स्थिति वाले मरीजों की एंबुलेंस को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए पुलिस पायलट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस अवसर पर नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनरीत राणा, आर.टी.ओ. पूनमप्रीत कौर, एस.डी.एम. गुरदेव सिंह, मानवाधिकार आयोग सदस्य के सचिव बलदेव सिंह और अमनदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कोर ग्रुप के सदस्य तथा ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन वेलफेयर सोसायटी पटियाला के सदस्य उपस्थित थे।

इससे पूर्व ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन वेलफेयर सोसायटी के चीफ पैट्रन एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) कुलवंत सिंह गिल ने स्वागत किया और जल संरक्षण, जल प्रदूषण रोकने तथा सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई। उनके साथ पूर्व एआईजी हरदेविंदर सिंह, डॉ. एम.एस. मन्ना, पूर्व एसपी मनजीत सिंह बराड़, ग्रुप कैप्टन रणजीत सिंह ततगुर, कोऑर्डिनेटर दर्शन सिंह (पूर्व डीएसपी), एडवोकेट यशपाल, एडवोकेट अमनप्रीत सिंह भाटिया, प्रो. जसवंत सिंह सराओ, महिला विंग की चेयरपर्सन शमिंदर कौर संधू, वेटरन हाकम सिंह, राजिंदर कुमार गोयल, मंजू शर्मा तथा मस्ती की पाठशाला से राजपाल कौर भी उपस्थित थे। सोसायटी द्वारा सदस्य शंटी को सम्मानित भी किया गया।