कार्यालय नियंत्रक संचार लेखा हरियाणा द्वारा प्रथम त्रैमासिक पेंशन अदालत का आयोजन
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हिसार 17-Apr-2026
नियंत्रक संचार लेखा (CCA), हरियाणा दूरसंचार सर्किल, अंबाला के कार्यालय द्वारा दिनांक 17.04.2026 को कार्यालय महाप्रबंधक, बीएसएनएल, हिसार में प्रथम त्रैमासिक पेंशन अदालत तथा KYP, LC/DLC एवं आईडी कार्ड शिविर का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती शिल्पी सिन्हा, नियंत्रक संचार लेखा, हरियाणा दूरसंचार सर्किल द्वारा की गई।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लिया तथा अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान पेंशनरों को SAMPANN सॉफ्टवेर का उमंग ऐप एवं DigiLocker के साथ एकीकरण के बारे में जानकारी दी गई, जिससे वे डिजिटल माध्यम से पेंशन सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।
पेंशनरों के लिए एक स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें केसरी अस्पताल,हिसार के चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान (PMTBMBA) के अंतर्गत डॉ. धर्मेन्द्र मनडया द्वारा टीबी जागरूकता पर व्याख्यान दिया गया, जिसमें रोग की पहचान, रोकथाम एवं उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर वरिष्ठतम पेंशनरों को श्रीमती शिल्पी सिन्हा द्वारा सम्मानित किया गया, जिससे उनके योगदान को सराहा गया। यह आयोजन पेंशनरों के कल्याण, जागरूकता एवं सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में कार्यालय नियंत्रक संचार लेखा, हरियाणा की एक महत्वपूर्ण पहल है।
लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल, सरकार को नहीं मिला दो-तिहाई बहुमत
लोकसभा में सरकार को दो-तिहाई बहुमत न मिलने पर महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल गिर गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस बिल पर विचार करने पर मत विभाजन के दौरान पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। उन्होंने कहा कि अब इस बिल पर आगे की कार्यवाही पर फैसला संभव नहीं है, क्योंकि यह बिल विचार करने के लिए पेश किए जाने के लेवल पर ही गिर गया है। वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अन्य दो बिल भी आगे न बढ़ाने की बात कही।
विपक्ष के विरोध के बाद लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 पर मतदान किया गया। संविधान संशोधन विधेयक पर ध्वनि मत से नहीं, बल्कि मत विभाजन के जरिए मतदान होता है, यानी यह स्पष्ट करना होता है कि कितने वोट समर्थन या विरोध में पड़े हैं। संविधान के अनुच्छेद 368 के उपबंधों के अनुसार, सभा की कुल सदस्य संख्या के बहुमत द्वारा और सभा के उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो तिहाई बहुमत द्वारा विधेयक पारित नहीं हुआ।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बिल पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि मैं इस देश की मातृशक्ति से कहना चाहता हूं कि राहुल गांधी की अनुपस्थिति में कांग्रेस पार्टी ने जो प्रस्ताव रखा है, वह एक सुनियोजित जाल है, ताकि महिला आरक्षण को 2029 से पहले लागू न होने दिया जाए। इसलिए ये जो कहते हैं कि हमारे राज्यों को समान भार होना चाहिए, मैं सहमत हूं।
महिला आरक्षण 2029 से पहले होना चाहिए। 2029 के बाद ले जाने के लिए इनके षड्यंत्र को हम सफल नहीं होने देंगे। मैं समझता हूं कि अगर ये वोट नहीं देंगे तो महिला आरक्षण बिल गिर जाएगा, लेकिन देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। उन्होंने कहा कि मैं यहां संविधान की नीतियों को स्पष्ट करना चाहता हूं।
भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को स्वीकार नहीं करता है। इंडिया महागठबंधन वाले तुष्टिकरण की राजनीति के कारण मुस्लिम आरक्षण की मांग खड़ी करना चाहते हैं और ये संविधान की बात करते हैं। कोई मुझे बता दे कि संविधान के किस अनुच्छेद में धर्म के आधार पर आरक्षण का प्रावधान है। भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को मान्यता नहीं देता है। इसके बावजूद, तुष्टीकरण की राजनीति से प्रेरित होकर, इंडिया महागठबंधन मुसलमानों के लिए आरक्षण की मांग कर रहा है, जबकि वे अपने इस रुख के समर्थन में संविधान का हवाला भी दे रहे हैं।