महंगाई से जनजीवन पर पड़ेगा असर तो आवाज उठाएंगे : अखिलेश यादव
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लखनऊ 14-Apr-2026
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन पर कहा कि अगर महंगाई से जनजीवन प्रभावित होगा तो आवाज तो उठाई जाएगी। सपा प्रमुख मंगलवार को बैसाखी पर्व के अवसर पर लखनऊ स्थित गुरुद्वारे पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि बैसाखी के त्योहार पर पूरे देशवासियों और प्रदेशवासियों को बधाई देना चाहता हूं।
हमारे देश की यही खूबसूरती है कि हम एक दूसरे के त्योहार मिलकर मनाते हैं। अखिलेश यादव ने नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन पर कहा कि मुख्यमंत्री को तो नियम-कानून पता ही नहीं है। अगर नियम कानून पता होते, कोर्ट ने क्या बताया, लेबर लॉ क्या कह रहा है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लेबर को क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं, अगर उनका पालन किया होता, तो शायद यह नौबत नहीं आती।
महंगाई अगर बढ़ेगी, जनजीवन प्रभावित होगा, तो आवाज तो उठेगी। आवाज के लिए बातचीत का रास्ता है, संवाद का रास्ता हमेशा खुला रहना चाहिए। इसलिए मैंने कहा, यह कोई नक्सली या इस तरह की कोई साजिश, षड्यंत्र नहीं है, यह सरकार का फेलियर है। सरकार का जो फेलियर है, उसे दूसरों पर थोपना चाहते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि उनकी इंटेलिजेंस पूरी तरह फेल थी।
नोएडा में हुई घटना पर पुलिस डीजीपी, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर द्वारा हेडक्वार्टर से निगरानी करने पर अखिलेश यादव ने कहा कि ये अधिकारी डराते भी हैं। मुख्यमंत्री डराना इसलिए चाहते हैं, जिससे अन्याय कर सकें। मुख्यमंत्री या सरकार इसलिए लोगों को डरा रहे हैं, जिससे अन्याय करने का मौका मिले। हेडक्वार्टर किसने बनाया, समाजवादियों ने बनाया।
यह हेडक्वार्टर न होता तो शायद पुलिस तंबुओं में लेकर बातचीत कर रही होती। मुख्यमंत्री को यह सोचना चाहिए और सरकार को भी यह सोचना चाहिए कि जितना पुलिस का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होगा, जितनी हम व्यवस्था को अच्छा करेंगे, उतना हमें न्याय मिलेगा। व्यवस्था को खराब नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 50 जिलों में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं तोड़ी गई हैं, अभी तक की इस सरकार में। 50 जिले होंगे जहां तोड़ी गई हैं।
सरकार ने क्या कार्रवाई की। सरकार खुद करने देती है। उसके बाद वोट के लिए छतरी लगाना चाहते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि जहां हम लोग बैसाखी का त्योहार मना रहे हैं, एक दूसरे से मिलकर, खुशियां बांट रहे हैं, और समाज में भाईचारा रहे, प्रेम रहे, आपस में हम एक दूसरे का आदर और सम्मान करें। वहीं बाबा साहिब भीमराव आंबेडकर जी का संविधान सभी धर्मों को बराबर का हक देता है।
बाबा साहब भीमराव आंबेडकर जी की जयंती पर पहली बार ऐसा हो रहा होगा कि हर वर्ग के लोग उस जयंती को मना रहे हैं। अगर हम पॉलिटिकल पार्टियों पर ध्यान दें, तो शायद भारत के इतिहास में इतने राजनीतिक दलों के नेताओं ने मिलकर एक साथ बाबा साहब भीमराव आंबेडकर जी की जयंती नहीं मनाई होगी, जितनी आज मनाई जा रही है। इसका मतलब यह है कि हम सब मिलकर चाहते हैं कि संविधान से देश चले, कानून से चले, नियमों से चले।