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बेअदबी मामलों में सरकार की नीयत पर बड़ा सवाल : एच.एस. फूुल्का का तीखा हमला

बेअदबी केसों में नाकाम सरकार — फूुल्का ने कहा, न्याय से भाग रही है सरकार

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तलवंडी साबो 14-Apr-2026

बैसाखी के पवित्र अवसर पर भारतीय जनता पार्टी पंजाब की वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा तख्त श्री दमदमा साहिब में नतमस्तक होने से पहले, प्रख्यात वकील और भाजपा के वरिष्ठ नेता सरदार एच.एस. फूुल्का ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए खालसा सृजन दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 1699 में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की स्थापना ने न केवल देश को बाहरी आक्रमणकारियों से बचाया, बल्कि सिख कौम को साहस, शक्ति और आत्मगौरव से भर दिया। 

फूुल्का ने गुरु साहिबान का धन्यवाद करते हुए अरदास की कि पंजाब को पुनः उसकी पुरानी शान और ऊंचाइयों पर पहुंचाया जाए। फूुल्का ने कहा कि तख्त श्री दमदमा साहिब के साथ उनका विशेष आध्यात्मिक और व्यक्तिगत संबंध है और वे अपने राजनीतिक जीवन के नए दौर की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस यहां कर रहे हैं, जो उनके लिए गर्व की बात है।

बेअदबी मामलों पर सरकार की नीयत पर सवाल

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए फूुल्का ने बेअदबी मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई केस पंजाब से बाहर ट्रांसफर हो रहे हैं और पंजाब सरकार उन फैसलों को उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं दे रही, जिससे सरकार की नीयत पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने जोर दिया कि यह मामला केवल सिख समुदाय ही नहीं, बल्कि सभी पंजाबियों की भावनाओं से जुड़ा है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

1984 केस और न्याय के लिए संघर्ष

फूुल्का ने अपने संघर्ष का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने 1984 के सिख नरसंहार के मामलों में न्याय के लिए अपना पद छोड़कर भी लड़ाई जारी रखी, जिसका परिणाम सज्जन कुमार जैसे दोषियों को सजा मिलने के रूप में सामने आया। उन्होंने कहा कि यह सफलता वाहेगुरु की कृपा से संभव हुई।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने दोषियों को सजा देने के बजाय उन्हें ऊंचे पदों पर बैठाया और 1984 का नरसंहार “कांग्रेस बनाम सिख” था, न कि किसी धर्म के खिलाफ।

पंजाब की मौजूदा स्थिति पर चिंता

फूुल्का ने कहा कि पंजाब की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है, खासकर पानी की कमी और कृषि से जुड़ी समस्याओं को लेकर। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले वर्षों में जल संकट गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि वे दोबारा राजनीति में इसलिए आए हैं ताकि पंजाब को फिर से विकास और खुशहाली के रास्ते पर लाया जा सके और इसके लिए वे पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।

अंतिम संदेश

फूुल्का ने कहा कि इस पवित्र दिन पर राजनीतिक बातों से ऊपर उठकर सभी को गुरु साहिब की कृपा के लिए अरदास करनी चाहिए और पंजाब की भलाई के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए।