राज्यसभा सांसद डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने एलपीयू के सालाना "वन वर्ल्ड" फेस्ट का उद्घाटन किया
"आपका सबसे अच्छा दोस्त आपकी कड़ी मेहनत है," डॉ. सिंघवी ने सफलता के रास्ते पर ज़ोर देते हुए कहा
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जालंधर 04-Apr-2026
भारत के सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता, संसद सदस्य (राज्यसभा), और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के मेगा इंटरनेशनल फेस्ट "वन वर्ल्ड" 2026 का उद्घाटन किया। इस मौके पर संसद सदस्य (राज्यसभा) और एलपीयू के फाउंडर चांसलर डॉ. अशोक कुमार मित्तल भी मौजूद थे।
यह उत्सव एलपीयू के 'एडु-रिवोल्यूशन' (शिक्षा क्रांति) विज़न की एक झलक के तौर पर सामने आया, जिसका मुख्य विषय था—"शिक्षा के विकास का सफर: पारंपरिक ज्ञान से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक।" कैंपस को एक जीवंत 'मिनी-वर्ल्ड' में बदलते हुए, इस उत्सव में 4,000 से ज़्यादा छात्र-छात्राओं और 40,000 से ज़्यादा दर्शकों ने हिस्सा लिया।
इसमें स्पेन, मेक्सिको, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका, केन्या, नाइजीरिया, घाना, तंजानिया, ज़िम्बाब्वे और आइवरी कोस्ट जैसे 30 से ज़्यादा देशों के प्रतिनिधि दिखे। यहाँ का माहौल विभिन्न संस्कृतियों के एक ज़बरदस्त संगम को दर्शाता था, जिससे एक शानदार वैश्विक अनुभव का सृजन हुआ। दर्शकों को संबोधित करते हुए, डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने यूनिवर्सिटी के विशाल स्वरूप और उसके विज़न की जमकर तारीफ़ की।
उन्होंने कहा कि इतने विशाल और गतिशील संस्थान को देखना बेहद प्रेरणादायक है जहाँ बेहतरीन रैंकिंग, शानदार बुनियादी ढाँचा और शिक्षा, रिसर्च, स्वास्थ्य सेवा, खेलकूद व छात्र-जीवन से जुड़ी हर तरह की व्यापक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। डॉ. सिंघवी ने यहाँ मौजूद विभिन्न विषयों की अद्भुत विविधता और कैंपस के वैश्विक स्वरूप को विशेष रूप से रेखांकित किया।
एक वरिष्ठ अधिवक्ता के तौर पर अपने लंबे अनुभव को साझा करते हुए, डॉ. सिंघवी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कानूनी पेशे में "बोलने की कला" (भाषण के माध्यम से संवाद) ही सबसे बड़ी ताकत होती है। डॉ. सिंघवी ने कहा कि एक वकील को अपनी कमज़ोरियों की पहचान दूसरों से कहीं ज़्यादा बेहतर ढंग से होनी चाहिए, और उसे कानून की जानकारी अपने विरोधी से कहीं ज़्यादा गहराई से होनी चाहिए।
डॉ. सिंघवी ने कहा, "आपका सबसे अच्छा दोस्त आपकी कड़ी मेहनत है।" उन्होंने आगे कहा कि सफलता में 99% योगदान 'पसीना' (कड़ी मेहनत) का होता है, जबकि 'प्रेरणा' का योगदान केवल 1% ही होता है। डॉ. सिंघवी ने छात्रों को लगातार और अनुशासित बने रहने के लिए प्रोत्साहित किया, और कहा कि अगर आप कड़ी मेहनत करते हैं, तो ऐसी कोई भी चीज़ नहीं है जिसे हासिल न किया जा सके।
डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि एलपीयू के लिए यह बहुत गर्व और सौभाग्य की बात है कि वह इतनी जानी-मानी हस्ती की मेज़बानी कर रहे है, जिनकी मौजूदगी से यूनिवर्सिटी के अकादमिक और बौद्धिक माहौल को एक गहरा अर्थ मिलता है। डॉ. मित्तल ने कहा कि एलपीयू "वन वर्ल्ड" का सच्चा प्रतीक है, जहाँ विविधता का न केवल जश्न मनाया जाता है, बल्कि उसे कैंपस की रोज़मर्रा की ज़िंदगी में भी पूरी तरह से शामिल किया जाता है।
डॉ. मित्तल ने आगे कहा कि एलपीयू का 'एडु-रिवोल्यूशन' शिक्षा को नए सिरे से सोचने पर आधारित है जिसमें वैश्विक अनुभव, अलग-अलग विषयों की पढ़ाई और भविष्य के लिए तैयार सोच शामिल है। उन्होंने कहा कि संस्कृतियों और विचारों का यह शानदार संगम, सार्थक रिश्ते बनाने, मिलकर बेहतरीन काम करने और एक साझा वैश्विक सोच को बढ़ावा देने के प्रति यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
'वन वर्ल्ड प्रोसेशन' ने कैंपस में अलग-अलग संस्कृतियों की शानदार झलक दिखाकर जान डाल दी; इसमें अलग-अलग स्कूलों के छात्रों ने सोच-समझकर तैयार की गई प्रस्तुतियों के ज़रिए अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व किया। चमकीले पारंपरिक कपड़ों में सजे, साथ में बारीक कारीगरी वाले गहने और खास सांस्कृतिक चीज़ें पहने हुए, हर समूह ने अपने देश की भावना को पूरी सच्चाई के साथ दिखाया।
यह प्रोसेशन' सीमाओं के पार एक लगातार सफ़र जैसा लगा, जहाँ रंग, बनावट और हाव-भाव मिलकर एक ऐसा वैश्विक अनुभव बनाते हैं जो देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देता है। इसी जोश को आगे बढ़ाते हुए, यह जश्न फ़ैशन, डांस और संगीत की एक मिली-जुली प्रस्तुति में बदल गया, जिसमें सांस्कृतिक पहचान और आज की सोच का मेल था।
फ़ैशन वाले हिस्से में एआई से प्रेरित नए-नए अंदाज़ दिखाए गए जिनमें भविष्य की झलक देने वाले कपड़े, डिजिटल डिज़ाइन और नए तरीके की स्टाइलिंग शामिल थी। वहीं, स्टेज पर हुई प्रस्तुतियों में अफ़्रीका के लयबद्ध डांस, नेपाल की धुनें और भूटान की नज़ाकत का एक बेहतरीन मेल देखने को मिला, जिसमें परंपरा और आज के डांस-निर्देशन का सुंदर संगम था।
अलग-अलग देशों के छात्र एक साथ आए और उन्होंने एक बहुत ही तालमेल वाली प्रस्तुति दी, जिसने डांस के ज़रिए इस जश्न के मुख्य विषय को दिखाया और दर्शकों के लिए एक मनमोहक दृश्य कहानी तैयार की। यह पूरा कार्यक्रम एक ऐसा कलात्मक अनुभव बन गया जिसमें संस्कृति, रचनात्मकता और तकनीक के बीच एक स्वाभाविक और ज़बरदस्त संतुलन देखने को मिला।
यह जश्न एलपीयू की 'एडु-रिवोल्यूशन' पहल के तहत एक जोश भरे उद्यमिता वाले हिस्से तक भी फैला, जहाँ छात्रों और पुराने छात्रों ने अपने शुरू किए गए कई शानदार काम दिखाए। हाथ से बने गहनों, क्रोशे से बनी चीज़ों और अपनी पसंद के पोस्टर से लेकर बेकरी के सामान, बैग और सेहत व तंदुरुस्ती से जुड़ी चीज़ों तक इस हिस्से में रचनात्मकता और असल दुनिया की सीख का एक ज़बरदस्त मेल देखने को मिला। इसने छात्रों को अपने विचारों को असल अनुभवों में बदलने का मौका दिया, और साथ ही उन्हें इसके लिए अकादमिक क्रेडिट भी मिले।