5 Dariya News

यूआईईटी (यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी), पंजाब विश्वविद्यालय में डिग्री समारोह 2026 का आयोजन

804 विद्यार्थियों को प्रदान की गई डिग्रियाँ

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चंडीगढ़ 27-Mar-2026

यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (पंजाब विश्वविद्यालय) के 804 इंजीनियरिंग स्नातकों को पंजाब विश्वविद्यालय के सम्मेलन केंद्र में आयोजित डिग्री समारोह 2026 के दौरान डिग्रियाँ प्रदान की गईं। नव-संचालित इस सम्मेलन केंद्र में आयोजित इस प्रमुख शैक्षणिक समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. रेनू विग ने की, जबकि यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव श्री एच. राजेश प्रसाद, आईएएस मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

स्नातक विद्यार्थियों में कंप्यूटर विज्ञान अभियंत्रण के 185, सूचना प्रौद्योगिकी के 101, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियंत्रण के 190, यांत्रिक अभियंत्रण के 107, विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स अभियंत्रण के 147 तथा जैव प्रौद्योगिकी के 74 विद्यार्थी शामिल रहे। समारोह का एक प्रमुख आकर्षण विशिष्ट पूर्व छात्रों का सम्मान रहा, जिनमें नमन अग्रवाल, अखिल फिरानी, विक्रम सिंह बाजवा, प्रेरणा सिंह तथा धर्म पाल चौधरी सहित अन्य शामिल रहे। 

इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों को पदक एवं शैक्षणिक सम्मान भी प्रदान किए गए। समारोह के अंत में वर्ष 2024 एवं 2025 के स्नातक बैच को औपचारिक रूप से डिग्रियाँ प्रदान की गईं तथा विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान भी प्रदान किए गए। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन प्रो. योजना रावत, रजिस्ट्रार प्रो. वाई.पी. वर्मा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. जगत भूषण तथा निदेशक यूआईईटी प्रो. सुखविंदर सिंह उपस्थित रहे।

अपने प्रेरक संबोधन में श्री एच. राजेश प्रसाद (आईएएस) ने राष्ट्र निर्माण में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुए उन्हें “श्रेष्ठतम” बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को आजीवन सीखने की भावना अपनाने के लिए प्रेरित किया और कहा कि जिस दिन सीखना रुक जाता है, उसी दिन विकास भी रुक जाता है। 

उन्होंने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ समाज, शासन और नैतिकता की व्यापक समझ विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित संस्थान बताया तथा विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहने का आह्वान किया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो. रेनू विग ने वर्ष 2002 में स्थापना के बाद से यूआईईटी की उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि चार विभागों से प्रारंभ होकर संस्थान आज छह स्नातक एवं अनेक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के साथ लगभग 2,500 विद्यार्थियों का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र बन चुका है। 

उन्होंने तेजी से बदलते तकनीकी परिवेश में निरंतर सीखने के महत्व पर बल देते हुए विद्यार्थियों को व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में संतुलन बनाए रखने तथा समाज के प्रति उत्तरदायी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुखविंदर सिंह तथा रजिस्ट्रार Prof. Yajvendar Pal Verma (प्रो. याजवेंद्र पाल वर्मा) ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को बधाई दी और भविष्य में संस्थान के मूल्यों एवं उत्कृष्टता को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

समारोह में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही, जो यूआईईटी एवं पंजाब विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि का प्रतीक रहा। कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण ढंग से किया गया।