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विश्व क्षय रोग दिवस 2026 पर “टीबी मुक्त भारत अभियान – 100 दिवसीय अभियान” का शुभारंभ, चंडीगढ़

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चंडीगढ़ 24-Mar-2026

विश्व क्षय रोग दिवस 2026 के अवसर पर “टीबी मुक्त भारत अभियान – 100 दिवसीय अभियान” के राष्ट्रीय शुभारंभ के साथ ही देश में क्षय रोग उन्मूलन के प्रयासों को तेज़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। चंडीगढ़ में, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी), स्वास्थ्य विभाग, यू.टी. चंडीगढ़ ने माननीय प्रशासक, चंडीगढ़ एवं राज्यपाल, पंजाब के मार्गदर्शन में इस राष्ट्रीय अभियान में उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

श्री एच. राजेश प्रसाद, मुख्य सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन, ने कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से सहभागिता करते हुए टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर उन्होंने टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें निरंतर पोषण एवं सामाजिक सहयोग प्रदान करने वाले तीन विशिष्ट “निक्षय मित्रों” को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया, जिससे उपचार परिणामों में सुधार एवं मरीज-केंद्रित देखभाल को सुदृढ़ किया जा रहा है।

श्री मंदीप सिंह बराड़, सचिव स्वास्थ्य-सह-गृह सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन, ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और केंद्र शासित प्रदेश से टीबी उन्मूलन हेतु सघन, समन्वित एवं बहु-क्षेत्रीय रणनीतियों की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान, मुख्य सचिव ने चंडीगढ़ में “टीबी मुक्त भारत अभियान – 100 दिवसीय अभियान” का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया, जिससे स्थानीय स्तर पर टीबी उन्मूलन प्रयासों को नई गति मिली। 

इस अभियान का उद्देश्य जमीनी स्तर पर गतिविधियों को सुदृढ़ करना एवं टीबी सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करना है। अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने बताया कि चंडीगढ़ में लगभग 40 प्रतिशत टीबी मरीज बाहरी क्षेत्रों से संदर्भित होकर आते हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। 

उन्होंने आगामी 100 दिनों में विशेष रूप से संवेदनशील वर्गों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने अभियान के प्रमुख उद्देश्यों—जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच, प्रभावी उपचार तथा नियमित फॉलो-अप—पर प्रकाश डाला और समाज में जागरूकता एवं संवेदनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता रेखांकित की। 

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस अवधि के दौरान किए जाने वाले सघन प्रयासों से वर्तमान चुनौतियों को दूर किया जा सकेगा तथा सभी संबंधित टीमों को शुभकामनाएं दीं। डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (डीएचएस)-सह-मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), यू.टी. चंडीगढ़, ने शहर में टीबी की वर्तमान स्थिति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। 

उन्होंने एनटीईपी के अंतर्गत लागू की जा रही प्रमुख रणनीतियों पर प्रकाश डाला, जिनमें उच्च जोखिम समूहों में सक्रिय केस खोज, जांच सेवाओं का सुदृढ़ीकरण एवं विकेंद्रीकरण, सार्वभौमिक ड्रग ससेप्टिबिलिटी परीक्षण, शीघ्र उपचार आरंभ, डिजिटल निगरानी प्रणाली के माध्यम से उपचार अनुपालन सुनिश्चित करना तथा निक्षय मित्रों के माध्यम से पोषण सहायता को सुदृढ़ करना शामिल है।

उन्होंने टीबी उन्मूलन के लिए सामुदायिक जागरूकता, सामाजिक कलंक में कमी, शीघ्र पहचान तथा उपचार के पूर्ण कोर्स को सुनिश्चित करने के महत्व पर भी बल दिया। साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों, सामुदायिक स्वयंसेवकों, गैर-सरकारी संगठनों एवं सहयोगी संस्थाओं के समर्पित प्रयासों की सराहना की, जो टीबी मुक्त चंडीगढ़ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।