सीबीआई से जांच भाग रहे पंजाब के अंहकारी मुख्यमंत्री, सरकार के न्याय पर विश्वास नहीं : सुखजिंदर सिंह रंधावा
रंधावा ने लगाया आरोप- न्याय के मामले में सरकार की जवाबदेही और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर
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चंडीगढ़ 24-Mar-2026
पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान को अंहकारी बताते हुए पंजाब सरकार के न्याय पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो स्वतंत्र जांच से डर क्यों है।
क्यों नहीं पंजाब सरकार केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच करवाने को तैयार हो रही है। एक तीखी टिप्पणी करते हुए कांग्रेस सांसद ने राज्य सरकार की केंद्रीय जांच एजेंसियों को शामिल करने में अनिच्छा पर सवाल उठाया। रंधावा ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण मामलों में न्याय देने और पारदर्शिता बनाए रखने में विफल रही है।
रंधावा ने जांच में विलंबित और चयनात्मक न्याय को लेकर चिंता जताई और कहा कि राज्य के कई संवेदनशील मामले अभी भी लंबित हैं या जनता की नजर में उनकी विश्वसनीयता नहीं है। पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. विजय सिंगला और जालंधर के विघायक रमन अरोड़ा मामले में भी कुछ नहीं हुआ।
तब भी पुलिस और प्रशासन सरकार का ही था, लेकिन उनके खिलाफ अब कार्रवाई ठप हो चुकी है। पंजाब के लोग अभी भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने जवाबदेही का वादा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है।
उन्होंने तर्क दिया कि विवादित मामलों में सीबीआई जांच से निष्पक्षता सुनिश्चित होगी और जनता का विश्वास बहाल होगा। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता लोकतंत्र की आधारशिला है। स्वतंत्र जांच से बचना केवल संदेह को और गहरा करता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में शासन और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक तनातनी बढ़ रही है।
रंधावा ने मान सरकार से राजनीति से ऊपर उठकर निष्पक्ष जांच की अनुमति देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए।