बिहार दिवस चंडीगढ़ में उत्साहपूर्वक मनाया गया
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चंडीगढ़ 22-Mar-2026
बिहार फाउंडेशन द्वारा आज बाबा मक्खन शाह लुबाना हॉल में बिहार दिवस का आयोजन बड़े उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया गया। इस अवसर पर चंडीगढ़ के मुख्य सचिव श्री एच. राजेश प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि श्री पुष्पेंद्र कुमार, आईजीपी चंडीगढ़, विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में बिहार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, इतिहास और उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया।
इस कार्यक्रम में चंडीगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों में निवास कर रहे बिहार मूल के लोग, विद्यार्थी, पेशेवर और गणमान्य व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना तथा बिहार से जुड़े लोगों में गर्व की भावना को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद बिहार की जीवंत परंपराओं को दर्शाते हुए लोक संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। इस अवसर पर बिहार के गौरवशाली अतीत, भारतीय सभ्यता में उसके योगदान तथा देश के विकास में उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाने वाली एक विशेष वीडियो और वीडियो संदेश भी प्रदर्शित किए गए।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री एच. राजेश प्रसाद ने कहा कि बिहार सिविल सेवाओं, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, कला और साहित्य सहित हर क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से लेकर आज तक बिहार के लोगों का योगदान अमूल्य रहा है।
बिहार को “सोने की चिड़िया” का गढ़ बताते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य भविष्य में भी इसी तरह अग्रणी बना रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को बिहार के लोगों की सक्रिय भागीदारी के बिना साकार नहीं किया जा सकता और इस दिशा में बिहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने बिहार दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और राज्य के उज्ज्वल भविष्य के प्रति आशा व्यक्त की। बिहार फाउंडेशन, पंजाब एवं चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष श्री रूपेश सिंह ने अपने संबोधन में सांस्कृतिक जड़ों को संरक्षित रखते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के महत्व पर बल दिया।
उन्होंने बिहार फाउंडेशन द्वारा प्रवासी समुदाय को जोड़ने और विभिन्न क्षेत्रों में बिहार की पहचान को सुदृढ़ करने के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसमें बिहार की विरासत को निरंतर आगे बढ़ाने और क्षेत्र में सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करने के संकल्प को दोहराया गया।