5 Dariya News

‘आपकी योजना–आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत सामाजिक कल्याण योजनाओं को प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाने का प्रशासक का आह्वान

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चंडीगढ़ 18-Mar-2026

सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़ ने सामाजिक कल्याण सलाहकार समिति के सहयोग से आज टैगोर थिएटर, सेक्टर-18 में ‘आपकी योजना-आपके द्वार’ कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें प्रभावी रूप से नागरिकों तक पहुँचाना है। इस कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि प्रशासक की सामाजिक कल्याण स्थायी समिति के अध्यक्ष श्री सत्य पाल जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

अपने संबोधन में प्रशासक ने कहा कि लोकतांत्रिक समाज की वास्तविक शक्ति उसके सबसे कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान में निहित है तथा प्रशासन समावेशी विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है ताकि कोई भी व्यक्ति पीछे न रह जाए। महिलाओं के सशक्तिकरण, बच्चों के संरक्षण, वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा तथा दिव्यांगजनों के समर्थन से जुड़ी विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये योजनाएँ गरिमा, आत्मनिर्भरता और समान अवसरों को बढ़ावा देती हैं। 

उन्होंने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए नशा-विरोधी अभियानों सहित जागरूकता प्रयासों के महत्व पर भी बल दिया और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया ताकि कल्याणकारी लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुँच सकें और “विकसित भारत” 2047 के लक्ष्य को साकार किया जा सके। सभा को संबोधित करते हुए श्री सत्य पाल जैन ने विभाग के प्रयासों की सराहना की और अपनी अध्यक्षता में शुरू की गई पहलों का उल्लेख किया, जिनमें शगुन योजना के तहत बेटियों के विवाह हेतु ₹31,000 की सहायता, मजदूर भवन के निर्माण के लिए भूमि आवंटन की प्रगति, जीएमएसएच-16 में शाम की ओपीडी सेवाओं का संचालन, पेंशन वृद्धि के प्रस्ताव तथा सेक्टर-49 में नए वरिष्ठ नागरिक गृह की योजना शामिल है। 

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य कल्याणकारी योजनाओं को समाज के सबसे जरूरतमंद वर्गों तक पहुँचाना है। इस पहल का उद्देश्य योजनाओं की घर-घर पहुँच सुनिश्चित करना और उनकी सुलभता बढ़ाना है। चंडीगढ़ की लगभग 10.5 लाख की आबादी में विभाग करीब 4.7 लाख महिलाओं, 1.17 लाख बच्चों, 72,000 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों और लगभग 15,000 दिव्यांगजनों को सेवाएँ प्रदान कर रहा है। 

इसके लिए 450 आंगनवाड़ी केंद्र एवं क्रेच, 14 बाल देखभाल संस्थान, वन स्टॉप सेंटर–शक्ति सदन, कार्यरत महिला छात्रावास, वरिष्ठ नागरिक गृह तथा प्रयास जैसी संस्थागत सुविधाओं का मजबूत नेटवर्क विकसित किया गया है। ‘नेत्रा’ डिजिटल लाइब्रेरी और ‘पोषण अमृत वन’ जैसी पहलें भी प्रमुख रूप से रेखांकित की गईं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ₹72.47 करोड़ के बजट में से लगभग ₹69 करोड़ का उपयोग किया गया। 

मिशन वात्सल्य तथा मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 जैसे प्रमुख कार्यक्रमों में उच्च उपयोगिता दर्ज की गई, जिससे अवसंरचना उन्नयन, बाल देखभाल सेवाओं के विस्तार और लाभार्थियों को निरंतर सहायता सुनिश्चित हुई। कार्यक्रम में विभागीय पहलों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई तथा “गरिमा के साथ सशक्तिकरण और समावेशी विकास” के दृष्टिकोण को पुनः दोहराया गया।

इस अवसर पर सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव सुश्री अनुराधा एस. चागती, निदेशक सुश्री पालिका अरोड़ा, पूर्व मेयर श्री देवेश मोदगिल तथा चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।