प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 - टेक्सटाइल और लिबास: वैश्विक दिग्गजों में बने रहने के लिए कपड़ा उद्योग को अनुसंधान और विकास पर ध्यान देना अनिवार्य : संजीव अरोड़ा
पीएयू को नवाचार के लिए ‘हीरों की खान’ करार दिया, उद्योग को इसकी क्षमता का लाभ उठाने की अपील
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साहिबजादा अजीत सिंह नगर 14-Mar-2026
औद्योगिक मुकाबले में टिके रहने के लिए नवाचार पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली तथा स्थानीय निकाय मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने शनिवार को कपड़ा उद्योग को अनुसंधान और विकास (R&D) को प्राथमिकता देने की अपील की। वे प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन “टेक्सटाइल्स, लिबास और तकनीकी टेक्सटाइल्स” सत्र को संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने नवाचार को बढ़ावा देने में स्वदेशी/स्थानीय संस्थाओं की अथाह क्षमता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) को “हीरों की खान” करार देते हुए उद्योगपतियों को इसकी व्यापक अनुसंधान क्षमता का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “अब यह हमारे उद्योगपतियों पर निर्भर करता है कि वे इस प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण संस्था की क्षमता का कैसे उपयोग करते हैं ताकि नवाचार और नई तकनीकें विकसित की जा सकें।” मंत्री ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा ऐसी अनुसंधान और विकास पहलों को पूर्ण समर्थन देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने स्थानीय उद्योग की प्रशंसा करते हुए कहा कि लुधियाना का कपड़ा निर्माण उद्योग दुनिया भर में सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने उद्योग को टिकाऊ तरीकों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए विशेष रूप से तकनीकी टेक्सटाइल्स के उत्पादन में पराली का अधिक से अधिक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने चुनौती को अवसर में बदलने का उदाहरण देते हुए कहा, “जैसे कभी चावल के छिलकों को फालतू समझकर फेंक दिया जाता था लेकिन आज यह मूल्यवान वस्तु बन चुकी है और कहीं भी फालतू नहीं मिलती। इसी तरह पराली के साथ भी हो सकता है जब इसका उपयोग उत्पादन में किया जाएगा।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि कृषि के अवशेषों को कपड़ा उद्योग के लिए संसाधन में बदलना न केवल पर्यावरण की समस्या का समाधान होगा, बल्कि नए आर्थिक अवसर भी पैदा करेगा। इस सत्र में उद्योग एवं वाणिज्य तथा निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रशासकीय सचिव गुरकिरत किरपाल सिंह, गंगा एक्रोवूल्स के अमित थापर, मोंटे कार्लो फैशन्स लिमिटेड के संदीप झा और पीएयू से डॉ. सुरभी महाजन पैनलिस्ट के रूप में शामिल थे, जबकि केपीएमजी के मोहित भासिन ने मॉडरेटर की भूमिका निभाई।