5 Dariya News

मलविंदर कंग ने लोकसभा में पंजाब के फसल विविधीकरण का उठाया मुद्दा, विशेष पैकेज की मांग की

अगर विविधीकरण ग्रांट से सहयोग मिले, तो पंजाब दालों के आयात पर भारत की निर्भरता खत्म करने में मदद कर सकता है: कंग

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नई दिल्ली 12-Mar-2026

आम आदमी पार्टी (आप) के लोकसभा सदस्य मलविंदर सिंह कंग ने गुरुवार को लोकसभा में सप्लीमेंट्री ग्रांट की मांगों पर बोलते हुए पंजाब में कृषि और सिंचाई का मुद्दा ज़ोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने अपील की कि केंद्र सरकार से राज्य में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज और अतिरिक्त ग्रांट दी जाए।

कंग ने देश की खाद्य सुरक्षा में पंजाब के ऐतिहासिक योगदान पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब भारत खाने की कमी से जूझ रहा था, जवाहरलाल नेहरू और प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एम.एस. स्वामीनाथन ने भारत में हरित क्रांति का नेतृत्व किया गया था, जिसमें पंजाब ने पूरे देश के लिए फ़ूड सिक्योरिटी पक्का करने में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि हरित क्रांति ने भारत को खाद्य सुरक्षा हासिल करने में मदद की और आज देश के पास अनाज सरप्लस है, लेकिन पंजाब को इस बदलाव का सबसे ज़्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। कंग ने कहा कि पंजाब ने देश की खाद्य सुरक्षा में बहुत बड़ा योगदान दिया है, लेकिन इस मॉडल के वातावरण और स्वास्थ्य संबंधी नतीजे स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। 

पंजाब में भूजल स्तर खतरनाक लेवल तक गिर गया है और राज्य कैंसर और अन्य बिमारियों के बढ़ते मामले सहित गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर कंग ने इशारा किया कि कृषि गढ़ होने के बावजूद, पंजाब आज ज़्यादातर ऐसी फ़सलें (खासकर धान) उगा रहा है जो पारंपरिक रूप से इसकी मिट्टी और पानी के हालात के लिए सही नहीं हैं। दूसरी ओर, देश अभी भी दालें, फल और सब्ज़ियां जैसी कई ज़रूरी चीज़ें आयात कर रहा है। 

उन्होंने कहा कि पंजाब में क्रॉ फसल विविधीकरण की बहुत ज़्यादा संभावना है। हम दालें, फल, डेयरी उत्पाद, कॉटन, मक्का, गन्ना और आलू काफ़ी मात्रा में पैदा कर सकते हैं ताकि देश को इम्पोर्ट पर निर्भर न रहना पड़े। आप सांसद ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह पंजाब में फसल विविधीकरण और उससे जुड़ी रिसर्च के लिए स्पेशल वित्तीय पैकेज और अतिरिक्त ग्रांट मुहैया करवाएं। 

उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी सहायता से न सिर्फ पंजाब को फ़ायदा होगा, बल्कि भारत की कृषि में आत्मनिर्भरता भी मज़बूत होगी। कंग ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार की कोशिशों का भी ज़िक्र किया, जो राज्य में सिंचाई की आधारभूत संरचना को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। 

उन्होंने सदन को बताया कि पंजाब में आप सरकार के सत्ता में आने से पहले, सिर्फ़ 21 प्रतिशत खेतों को नहर का पानी मिलता था। कंग ने कहा कि आज यह आँकड़ा बढ़कर लगभग 78 प्रतिशत हो गया है, जो सिंचाई को मज़बूत करने और ग्राउंड वॉटर पर निर्भरता कम करने के मान सरकार के कमिटमेंट को दिखाता है।

उन्होंने आगे कहा कि हालाँकि पंजाब में कई दूसरे राज्यों की तुलना में सिंचाई की बेहतर सुविधाएँ हैं, फिर भी सुधार की बहुत गुंजाइश है, खासकर पानी के सही चैनलाइज़ेशन और डिस्ट्रीब्यूशन में। कंग ने अंत में केंद्र सरकार से अपील की कि वह कृषि परियोजनाएँ, सिंचाई के विकास और फ़सल फसल विविधीकरण से जुड़ी रिसर्च में पंजाब को प्राथमिकता दे। 

उन्होंने कहा कि अगर इस बदलाव में पंजाब को मदद मिलती है, तो इससे न सिर्फ़ राज्य की खेती को फिर से ज़िंदा करने में मदद मिलेगी, बल्कि देश दालों और दूसरी खेती की चीज़ों के इम्पोर्ट पर अपनी निर्भरता भी कम कर पाएगा।