पेक में सेबी के नेतृत्व में “MEGA RISA – शिक्षित से सशक्त” वित्तीय साक्षरता संगोष्ठी का हुआ आयोजन
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चंडीगढ़ 27-Feb-2026
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) ने “MEGA RISA – क्षेत्रीय निवेशक जागरूकता संगोष्ठी: शिक्षित से सशक्त” विषय पर एक प्रभावशाली वित्तीय साक्षरता जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (सेबी) द्वारा सेंट्रल डेपोसिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (सीडीएसएल) एवं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के सहयोग से किया गया।
संगोष्ठी को एनएसई, एनएसडीएल, एनसीडीईएक्स, एएमएफआई, एमएसई और एमसीएक्स द्वारा प्रायोजित किया गया। इस अवसर पर सुश्री यत्री दवे वितेकर, मुख्य सतर्कता अधिकारी, सेबी, मुख्य अतिथि के रूप में तथा श्री विजयंत कुमार वर्मा, क्षेत्रीय निदेशक, सेबी, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अन्य गणमान्य वक्ताओं में सुश्री दीप्ति अग्रवाल, मुख्य महाप्रबंधक, सेबी; श्री सुधीश पिल्लई, प्रमुख, निवेशक संरक्षण कोष, सीडीएसएल; एवं श्री गौरव कपूर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बीएसई शामिल थे। पीईसी की ओर से प्रो. शोभना धीमान, रजिस्ट्रार, कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत श्री गौरव कपूर द्वारा की गई, जिन्होंने बीएसई की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभूति बाजार में जागरूकता, सही सूचना तक पहुंच तथा जिम्मेदार निवेशक बनने के महत्व पर जोर दिया।
इसके पश्चात श्री सुधीश पिल्लई ने निवेश से जुड़ी गलत सूचनाओं से बचने और आवेगपूर्ण निर्णयों के बजाय सूचित निर्णय लेने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने पूंजी बाजार में संरचित भागीदारी को व्यापक आर्थिक विकास का माध्यम बताते हुए जल्दी शुरुआत करें, सही तरीके से निवेश करें, जोखिम का सम्मान करें और निवेश से पहले सत्यापन करें जैसे मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने निवेशकों को सशक्त बनाने में प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर भी चर्चा की। सुश्री दीप्ति अग्रवाल ने अत्यंत संवादात्मक और प्रेरक शैली में निवेश जागरूकता, बाजार विस्तार तथा युवा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी पर अपने विचार साझा किए।
निवेशक सर्वेक्षणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्रतिभागियों से बाजार को विकसित करने, उसमें निवेश करने और उसकी रक्षा करने का आह्वान किया तथा कहा कि पूंजी बाजार सभी के लिए है। इसके बाद श्री विजयंत कुमार वर्मा ने निवेश से पूर्व सुरक्षा और सत्यापन से संबंधित जागरूकता वीडियो प्रदर्शित किए।
उन्होंने पूंजी बाजार के विकास, डिजिटलाइजेशन के माध्यम से पहुंच एवं उपलब्धता में वृद्धि तथा निवेश को सरल बनाने पर प्रकाश डालते हुए भारत को वैश्विक निवेश परिदृश्य में “आइलैंड ऑफ़ होप” बताया। मुख्य अतिथि सुश्री यत्री दवे वितेकर ने अपने संबोधन में पूंजी बाजार, ट्रेडिंग तंत्र एवं बाजारों के लोकतंत्रीकरण पर चर्चा करते हुए निवेशकों को सशक्त बनाने में वित्तीय साक्षरता की अहम भूमिका को रेखांकित किया।
दिनभर चले इस कार्यक्रम में इंटरैक्टिव क्विज़, वित्तीय योजना पर व्यावहारिक सत्र, तथा प्रारंभिक आयु एवं पारिवारिक स्तर पर वित्तीय अनुशासन विकसित करने पर केंद्रित चर्चाएं आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने विभिन्न जागरूकता गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। संगोष्ठी का समापन छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता के साथ हुआ, जिससे जिम्मेदार निवेश और सतत आर्थिक विकास के लिए वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने की सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई गई।