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पाकिस्तान को कुछ विदेशी ताकतें ड्रोनों के माध्यम से पंजाब में नशा और हथियार भेजने में कर रही हैं मदद: गुलाब चंद कटारिया

राज्यपाल पंजाब ने होशियारपुर में “नशे के खिलाफ पैदल यात्रा” का नेतृत्व किया

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होशियारपुर 24-Feb-2026

पंजाब को नशा मुक्त करके फिर से “रंगला पंजाब” बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और इस अभियान को जन आंदोलन बनाना समय की मांग है। यह विचार पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने होशियारपुर में नशे के खिलाफ निकाली गई पदयात्रा का नेतृत्व करते हुए रखे। 

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने आप में इतनी ताकत नहीं रखता कि वह भारत को नुकसान पहुंचा सके, लेकिन कुछ विदेशी ताकतें उसकी मदद करके ड्रोनों के माध्यम से नशे और हथियारों की सप्लाई कर देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही हैं।  उन्होंने कहा कि दुश्मन पड़ोसी देश हमारी युवा पीढ़ी को कमजोर करने की साजिश रच रहा है, लेकिन हमारी बहादुर सुरक्षा फोर्स हर बार ऐसी कोशिशों को मुंहतोड़ जवाब दे रही है। 

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा एंटी-ड्रोन सिस्टम सहित कई सख्त कदम उठाए जा रहे हैं ताकि ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों को रोका जा सके। राज्यपाल ने कहा कि पंजाब बहादुर योद्धाओं की धरती है और देश का भविष्य पंजाब की युवाओं से जुड़ा है।

“रंगला पंजाब” बनाना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा मिशन है। इसलिए हमें मिलजुल कर काम करना होगा और इसकी शुरुआत खुद से करनी होगी। डी.ए.वी. कॉलेज ऑफ एजुकेशन से शुरू हुई नशा विरोधी पैदल यात्रा में विश्वविद्यालयों के उपकुलपति, स्कूलों और कॉलेजों के प्रमुख, एनजीओ, धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा प्रमुख हस्तियां बड़ी संख्या में शामिल हुईं और नशा मुक्त पंजाब बनाने का संकल्प लिया। 

यात्रा शहर के विभिन्न बाजारों से गुजरते हुए वापस कॉलेज परिसर में समाप्त हुई। राज्यपाल पंजाब ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि नशे के कारण सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरा परिवार और समाज प्रभावित होता है। इस बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए साझा कोशिश जरूरी है। 

उन्होंने लोगों से गुरु साहिबान और देश भक्तों के बलिदानों से प्रेरणा लेने की अपील करते हुए कहा कि जब हमारे सैनिक देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर सकते हैं तो हम नशे जैसी बुराई को खत्म करने के लिए एकजुट क्यों नहीं हो सकते। उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे पहले शिक्षा संस्थाओं को नशा मुक्त बनाना अनिवार्य है, क्योंकि युवाओं के सही रास्ते पर चलने से ही राज्य का भविष्य सुरक्षित हो सकता है। 

पंजाब सरकार द्वारा “युद्ध नशे के विरुद्ध” चरणबद्ध अभियान चलाया जा रहा है और इसे सफल बनाने के लिए शिक्षा संस्थाओं, धार्मिक व सामाजिक संगठनों, पंचायतों और आम लोगों को मिलकर यह लड़ाई लड़नी होगी। समागम के दौरान छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से नशों से दूर रहने का संदेश दिया। 

विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, व्यापारी संगठनों और कॉलेज प्रबंधक कमेटी द्वारा राज्यपाल का सम्मान भी किया गया। इस मौके पर राजनीतिक, धार्मिक व सामाजिक संगठनों के सदस्य, विभागीय अधिकारी, एनजीओ और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे।