भू-स्थानिक (जियो-स्पेशियल) विज्ञान में अकादमिक एवं शोध सहयोग को सुदृढ़ करने हेतु पेक ने सर्वे ऑफ इंडिया के साथ किया एम्ओयू किया साइन
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चंडीगढ़ 24-Feb-2026
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ के सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने आज भू-स्थानिक विज्ञान के उन्नत क्षेत्रों में अकादमिक एवं शोध सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सर्वे ऑफ इंडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन (एम्ओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह एम्ओयू 24 फरवरी, 2026 को औपचारिक रूप से संपन्न हुआ, जो उभरती तकनीकों में उद्योग–अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एम्ओयू पर हस्ताक्षर करने हेतु सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से श्री गौरव कुमार सिंह, सुपरिंटेंडेंट ऑफ सर्वेयर (डायरेक्टर, करंट ड्यूटी), पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़, जियो-स्पेशियल डायरेक्टरेट, के साथ-साथ डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ सर्वेयर श्री निशांत वर्मा एवं श्री हरीश मित्तल उपस्थित रहे। पेक की ओर से इस अवसर पर निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया, प्रो. राजेश कुमार कांडा (हेड, एलुमनाई, कॉर्पोरेट एंड इंटरनेशनल रिलेशंस), प्रो. एस.के. सिंह (हेड, सिविल इंजीनियरिंग विभाग), प्रो. हरअमृत सिंह संधू, डॉ. जिम्मी करलूपिया (प्रोफेसर-इन-चार्ज, एलुमनाई, कॉर्पोरेट एंड इंटरनेशनल रिलेशंस) तथा डॉ. अरशदीप सिंह उपस्थित रहे।
यह एम्ओयू जियोइन्फॉर्मेटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग आधारित स्वचालित फीचर एक्सट्रैक्शन, जियोडेसी, खगोल विज्ञान तथा संबद्ध इंजीनियरिंग विषयों में अकादमिक एवं शोध सहयोग को प्रोत्साहित करेगा। इसके अंतर्गत संयुक्त अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, सर्वे ऑफ इंडिया को अकादमिक सहयोग प्रदान किया जाएगा तथा योग्य अधिकारियों को पेक में स्नातकोत्तर एवं पीएचडी जैसे उच्च शैक्षणिक कार्यक्रमों में अध्ययन के अवसर प्राप्त होंगे।
इस अवसर पर निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया ने कहा कि इस प्रकार के रणनीतिक सहयोग छात्रों को उद्योग-संगत कौशल एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने में सहायक होते हैं। उन्होंने पेक परिसर में उपलब्ध उन्नत शोध अवसंरचना एवं सुविधाओं पर भी प्रकाश डाला।
प्रो. एस.के. सिंह ने इस साझेदारी से दोनों संस्थानों को होने वाले पारस्परिक लाभों को रेखांकित किया, जबकि प्रो. राजेश कुमार कांडा ने अनुप्रयुक्त अनुसंधान एवं नवाचार को सशक्त बनाने में निरंतर उद्योग सहयोग की भूमिका पर बल दिया।श्री गौरव कुमार सिंह ने भी इस सहयोग को लेकर आशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की अकादमिक साझेदारियां भू-स्थानिक अनुसंधान एवं क्षमता निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं और उन्होंने सर्वे ऑफ इंडिया तथा पेक के बीच लंबे सहयोग की अपेक्षा जताई।
प्रो. हरअमृत सिंह संधू ने इस समझौते के तकनीकी महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह सहयोग उच्च-परिशुद्धता भू-स्थानिक डेटा प्रोसेसिंग, स्वचालित फीचर एक्सट्रैक्शन तथा एआई आधारित जियोडेसी अनुप्रयोगों में उन्नत शोध को सक्षम बनाएगा। जिससे अकादमिक जगत और राष्ट्रीय मानचित्रण पहलों को समान रूप से लाभ मिलेगा।
यह सहयोग प्रभावशाली शोध, क्षमता निर्माण एवं ज्ञान के आदान-प्रदान का मार्ग प्रशस्त करेगा तथा शोध-आधारित शिक्षा और राष्ट्रीय विकास के प्रति पेक की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करेगा।